हिंदू संस्कार एवं परंपरागुग्गुल की धूनी से वास्तु दोष कैसे दूरगुग्गुल में शक्तिशाली रोगाणुनाशक यौगिक हैं। इसकी नियमित संध्या-धूनी से पारिवारिक क्लेश दूर होता है, देवताओं का वास होता है और वास्तु-दोष कम होते हैं। शनिवार को नीम और काली सरसों के साथ गुग्गुल-धूनी विशेष वास्तु-शुद्धि के लिए है।#गुग्गुल धूनी#वास्तु दोष#गुग्गुल लाभ
गृह आचार एवं पूजा विधिशाम को तुलसी के पास दीपक जलाने का क्या नियम है?सूर्यास्त से पहले गोधूलि बेला में तुलसी के पास घी या तेल का दीपक जलाएं, मुख उत्तर या पूर्व दिशा में रखें, विषम संख्या में जलाएं। रविवार को तुलसी पूजन वर्जित है।
पूजा विधिदोपहर में पूजा कर सकते हैं या सिर्फ सुबह शामदोपहर में पूजा की जा सकती है — यह निषेध नहीं है। प्रातःकाल सर्वश्रेष्ठ, संध्या काल दूसरा उत्तम समय है। शिव पूजा के लिए मध्याह्न भी शुभ माना जाता है। भोजन के तुरंत बाद और राहुकाल में पूजा से बचें।#पूजा समय#दोपहर पूजा#संध्या पूजा