विस्तृत उत्तर
पूजा घर के ठीक ऊपर शौचालय होना वास्तु शास्त्र और धार्मिक परंपरा दोनों में अत्यंत गंभीर दोष माना जाता है।
दोष
- 1पवित्रता भंग — पूजा स्थल की पवित्रता नष्ट होती है। भगवान की मूर्तियों के ऊपर अपवित्र स्थान होना सबसे बड़ा अपमान माना जाता है।
- 2पूजा का फल क्षीण — ऐसे स्थान पर की गई पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता।
- 3स्वास्थ्य प्रभाव — परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव।
- 4आर्थिक और मानसिक प्रभाव — आर्थिक अवरोध और मानसिक अशांति।
उपाय
- 1सर्वोत्तम उपाय — पूजा स्थल का स्थान बदलें। यदि संभव हो तो पूजा घर ऐसे स्थान पर स्थानांतरित करें जिसके ऊपर शौचालय न हो।
- 1यदि स्थान बदलना संभव न हो:
- ▸पूजा घर की छत पर तांबे की प्लेट (स्वस्तिक अंकित) लगाएं।
- ▸वास्तु दोष निवारण यंत्र पूजा स्थल में स्थापित करें।
- ▸पूजा स्थल के ऊपर की छत पर (शौचालय के फर्श पर) सेंधा नमक रखें।
- ▸नियमित रूप से गंगाजल का छिड़काव करें।
- ▸पूजा स्थल में शंख बजाएं और कपूर जलाएं।
- 1शौचालय में उपाय:
- ▸शौचालय का दरवाजा हमेशा बंद रखें।
- ▸शौचालय में वायु शुद्धि यंत्र (exhaust fan) लगाएं।
- ▸शौचालय में सेंधा नमक रखें।
स्पष्ट सुझाव: इस दोष का पूर्ण निवारण स्थान परिवर्तन ही है। अन्य उपाय दोष को कम करते हैं, समाप्त नहीं।





