विस्तृत उत्तर
पूजा घर यानी मंदिर घर का सबसे पवित्र स्थान होता है। इसके निर्माण और फर्श के चुनाव को लेकर वास्तु शास्त्र में कुछ विशेष मार्गदर्शन मिलता है।
संगमरमर (मार्बल) का फर्श पूजा घर के लिए शुभ माना गया है। प्राकृतिक संगमरमर, विशेष रूप से सफेद संगमरमर, पवित्रता और शुद्धता का प्रतीक है। इसकी चमक और शीतलता पूजा के वातावरण को और भी श्रेष्ठ बनाती है। सफेद संगमरमर ईश्वरीय ऊर्जा को आकर्षित करने में सहायक माना जाता है। यदि सफेद संगमरमर न चाहें तो हल्के रंग का प्राकृतिक मार्बल भी उचित है।
ग्रेनाइट भी पूजा घर में रखा जा सकता है, विशेषकर जब मंदिर का ढाँचा पत्थर या ग्रेनाइट का बनाया जाए। ग्रेनाइट टिकाऊ होता है और इस पर नक्काशी का काम भी सुंदर होता है।
सबसे उत्तम विकल्प: वास्तु एवं शास्त्रीय परंपरा के अनुसार पूजा घर के लिए लकड़ी का मंदिर सर्वोत्तम माना गया है। लकड़ी को सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। लकड़ी के बाद सफेद प्राकृतिक संगमरमर का मंदिर शुभ है।
यह अवश्य ध्यान रखें कि संगमरमर या ग्रेनाइट हमेशा प्राकृतिक होना चाहिए, सिंथेटिक या कृत्रिम पत्थर का प्रयोग वास्तु के अनुसार उचित नहीं है। पूजा घर की दीवार का रंग पीला, नारंगी, सफेद या क्रीम रखना शुभ है।





