विस्तृत उत्तर
वास्तु शास्त्र और आधुनिक वास्तु उपचार दोनों में कैक्टस और कांटेदार पौधों के विषय में सामान्यतः नकारात्मक दृष्टिकोण रखा गया है।
वास्तु का मत
- 1घर के अंदर कैक्टस अशुभ — कांटेदार पौधे नकारात्मक ऊर्जा, तनाव, वाद-विवाद और संघर्ष को आमंत्रित करते हैं — ऐसा वास्तु शास्त्र में माना जाता है।
- 2रिश्तों पर प्रभाव — कांटेदार पौधे घर में रिश्तों में कड़वाहट और अशांति लाते हैं।
- 3स्वास्थ्य पर प्रभाव — यह तनाव और चिंता बढ़ाने वाला माना जाता है।
अपवाद
- 1घर के बाहर — घर की बाहरी बाउंड्री या छत पर कैक्टस रखना शुभ माना जा सकता है क्योंकि यह बाहरी नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करता है।
- 2ऑफिस/व्यापार स्थल — कुछ आधुनिक वास्तु विशेषज्ञ कैक्टस को कंप्यूटर के पास रखने की सलाह देते हैं (विद्युत चुंबकीय विकिरण शोषण — यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं है)।
फेंगशुई का दृष्टिकोण
- ▸फेंगशुई में भी कैक्टस को 'शा ची' (नकारात्मक ऊर्जा) का स्रोत माना जाता है।
- ▸केवल बाथरूम की खिड़की या बाहरी क्षेत्र में रखने की सलाह दी जाती है।
कैक्टस के स्थान पर क्या लगाएं
- ▸तुलसी, मनी प्लांट, बांस (बैम्बू), जेड प्लांट, एलोवेरा — ये पौधे वास्तु में शुभ माने जाते हैं।
स्पष्टीकरण: प्राचीन वास्तु ग्रंथों (मयमतम्, बृहत् संहिता) में कैक्टस का प्रत्यक्ष उल्लेख नहीं है (यह अमेरिकी मूल का पौधा है)। कांटेदार वृक्षों के अशुभ होने की सामान्य धारणा शास्त्रीय परंपरा में अवश्य है, जिसे कैक्टस पर लागू किया गया है।





