विस्तृत उत्तर
दुकान का मुख्य द्वार ग्राहक और समृद्धि दोनों का प्रवेश बिंदु माना जाता है।
मुख्य द्वार पर लगाने योग्य शुभ वस्तुएं
- 1स्वस्तिक — कुमकुम/हल्दी से या तांबे/पीतल का स्थायी स्वस्तिक। दोनों ओर लगाएं।
- 2ॐ — द्वार के ऊपर केंद्र में।
- 3गणेश-लक्ष्मी चित्र/मूर्ति — प्रवेश द्वार के अंदर की ओर।
- 4तोरण — आम के पत्तों और गेंदे के फूलों का तोरण। प्रतिदिन या सप्ताह में बदलें।
- 5शुभ-लाभ — 'शुभ' बाईं ओर, 'लाभ' दाईं ओर (अंदर से देखने पर)।
- 6बंदनवार — रंगीन कपड़े या मोतियों की बंदनवार।
- 7नवग्रह यंत्र या वास्तु यंत्र — द्वार के ऊपर।
- 8हनुमान जी — कुछ व्यापारी दक्षिण मुख द्वार पर पंचमुखी हनुमान लगाते हैं।
- 9घंटी/घंटा — द्वार पर छोटी पीतल की घंटी — ग्राहक के आने पर बजती है, सकारात्मक ध्वनि तरंगें।
दीपावली विशेष
- ▸दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश के पदचिह्न (पग) द्वार से अंदर की ओर बनाएं।
क्या न लगाएं
- ▸नकारात्मक चित्र (युद्ध, विनाश, उदासी)
- ▸टूटा शीशा या दर्पण
- ▸कांटेदार पौधे
- ▸काले रंग की सजावट
- ▸क्रॉस या तलवार जैसे प्रतीक (कुछ परंपराओं में)
ध्यान दें: द्वार स्वच्छ, चमकदार और बाधारहित रखें। फीके स्वस्तिक बदलें, टूटी दहलीज ठीक कराएं।





