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वास्तु शास्त्र📜 वास्तु शास्त्र, व्यापार परंपरा, लोक मान्यता2 मिनट पठन

दुकान के मुख्य द्वार पर क्या लगाएं वास्तु के अनुसार

संक्षिप्त उत्तर

दुकान द्वार पर स्वस्तिक, ॐ, गणेश-लक्ष्मी, शुभ-लाभ, आम पत्तों का तोरण, और घंटी लगाएं। दीपावली पर लक्ष्मी पदचिह्न बनाएं। नकारात्मक चित्र, टूटा शीशा और काली सजावट वर्जित। द्वार स्वच्छ और प्रकाशित रखें।

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विस्तृत उत्तर

दुकान का मुख्य द्वार ग्राहक और समृद्धि दोनों का प्रवेश बिंदु माना जाता है।

मुख्य द्वार पर लगाने योग्य शुभ वस्तुएं

  1. 1स्वस्तिक — कुमकुम/हल्दी से या तांबे/पीतल का स्थायी स्वस्तिक। दोनों ओर लगाएं।
  2. 2 — द्वार के ऊपर केंद्र में।
  3. 3गणेश-लक्ष्मी चित्र/मूर्ति — प्रवेश द्वार के अंदर की ओर।
  4. 4तोरण — आम के पत्तों और गेंदे के फूलों का तोरण। प्रतिदिन या सप्ताह में बदलें।
  5. 5शुभ-लाभ — 'शुभ' बाईं ओर, 'लाभ' दाईं ओर (अंदर से देखने पर)।
  6. 6बंदनवार — रंगीन कपड़े या मोतियों की बंदनवार।
  7. 7नवग्रह यंत्र या वास्तु यंत्र — द्वार के ऊपर।
  8. 8हनुमान जी — कुछ व्यापारी दक्षिण मुख द्वार पर पंचमुखी हनुमान लगाते हैं।
  9. 9घंटी/घंटा — द्वार पर छोटी पीतल की घंटी — ग्राहक के आने पर बजती है, सकारात्मक ध्वनि तरंगें।

दीपावली विशेष

  • दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश के पदचिह्न (पग) द्वार से अंदर की ओर बनाएं।

क्या न लगाएं

  • नकारात्मक चित्र (युद्ध, विनाश, उदासी)
  • टूटा शीशा या दर्पण
  • कांटेदार पौधे
  • काले रंग की सजावट
  • क्रॉस या तलवार जैसे प्रतीक (कुछ परंपराओं में)

ध्यान दें: द्वार स्वच्छ, चमकदार और बाधारहित रखें। फीके स्वस्तिक बदलें, टूटी दहलीज ठीक कराएं।

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शास्त्रीय स्रोत
वास्तु शास्त्र, व्यापार परंपरा, लोक मान्यता
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