विस्तृत उत्तर
श्मशान काली का रूप अत्यंत उग्र है। इनकी पहचान यह है कि इनका बायां पैर (Left Foot) शिव की छाती पर आगे होता है। वे नग्न, रक्तपिपासु और प्रेतों से घिरी होती हैं। रामकृष्ण परमहंस और अन्य सिद्ध संतों ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि श्मशान काली की पूजा गृहस्थों को घर के भीतर नहीं करनी चाहिए। इनकी ऊर्जा अत्यंत तीव्र होती है जिसे संभालना सामान्य साधक के लिए कठिन है। घर में इनकी पूजा से भयंकर वास्तु दोष और गृह क्लेश उत्पन्न हो सकते हैं।




