विस्तृत उत्तर
शास्त्रों में उपवास के 3 स्वरूप बताए गए हैं: 1. पूर्ण उपवास (पूजा और चंद्र दर्शन तक अन्न-जल का त्याग)। 2. फलाहार (केवल दूध और फल का सेवन)। 3. नक्त व्रत (दिन भर उपवास और रात्रि पूजा के बाद बिना नमक-मसाले का हविष्यान्न ग्रहण करना)।
निषेध (क्या न खाएं): इस व्रत में सात्विकता अनिवार्य है। अतः मांसाहार, मदिरा, प्याज, लहसुन और मसूर की दाल का सेवन सर्वथा वर्जित है। पूजा के दौरान कथा को बीच में छोड़कर जाना, प्रसाद का अनादर करना या बिना संकल्प के पूजा करना घोर पाप माना गया है।

