विस्तृत उत्तर
पूर्णिमा का व्रत पूर्णतः निर्जल या फलाहार रहकर करना श्रेष्ठ है। भोजन में फल (केला, सेब, आम), कंद-मूल (आलू, शकरकंद, अरबी), दूध, दही, घी, साबूदाना और कुट्टू का प्रयोग किया जा सकता है। साधारण समुद्री नमक की जगह केवल शुद्ध सेंधा नमक (Rock Salt) ही खाना चाहिए।


