विस्तृत उत्तर
संतोषी माता के व्रत में खटाई का पूर्ण निषेध है, इसके पीछे गहरा ज्योतिषीय और मनोवैज्ञानिक कारण है। शुक्रवार 'शुक्र' (Venus) का दिन है, जिसका संबंध 'मीठे' और 'सफेद' पदार्थों (जैसे खीर) से है। खटास दूध को फाड़ देती है, इसलिए खटाई का प्रयोग प्रतीकात्मक रूप से शुक्र के शुभ प्रभाव को नष्ट कर देता है। इसके अलावा, खट्टा स्वाद चेहरे पर सिकुड़न लाता है जो 'असंतोष' या कलह का प्रतीक है, जबकि मीठा स्वाद (गुड़) 'तृप्ति' लाता है। इसलिए घर-परिवार से कड़वाहट और असंतोष को दूर रखने के लिए इस दिन खटाई खाना, छूना या दूसरों को खिलाना बिल्कुल मना है।



