विस्तृत उत्तर
गुरुवार के दिन केले के पौधे की पूजा की जाती है क्योंकि केला बृहस्पति का वनस्पति रूप है और इसमें भगवान विष्णु का वास माना जाता है। शास्त्रों के नियम के अनुसार, जिस फल (केले) की पूजा की जाती है, उसका सेवन व्रती को स्वयं नहीं करना चाहिए। केला केवल दान करने और भगवान को प्रसाद रूप में चढ़ाने के लिए होता है।

