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आहार और नियम प्रश्नोत्तर — 30 प्रश्न

आहार और नियम से जुड़े 30 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 30 प्रश्न

एकादशी व्रत के लिए दशमी के दिन क्या नियम हैं?

दशमी के दिन सिर्फ एक बार बिना प्याज-लहसुन और मसूर की दाल वाला सादा खाना खाना चाहिए। कांसे के बर्तन में खाना मना है और रात में जमीन पर सोना चाहिए।

दशमी के नियमसात्विक भोजनब्रह्मचर्य
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देवशयनी एकादशी व्रत के लिए दशमी के नियम क्या हैं?

दशमी के दिन कांसे के बर्तन में खाना, मसूर, चना और शहद खाना पूरी तरह मना है। रात में ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए जमीन पर सोना चाहिए।

दशमी के नियमसंयमव्रत तैयारी
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व्रत के लिए दशमी तिथि के दिन क्या नियम होते हैं?

दशमी के दिन सिर्फ एक बार सूर्यास्त से पहले बिना प्याज-लहसुन और मसूर की दाल वाला सादा भोजन करना चाहिए। कांसे के बर्तन में खाना मना है और रात में जमीन पर सोना चाहिए।

दशमी के नियमसात्विक भोजनव्रत तैयारी
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मोहिनी एकादशी व्रत के लिए दशमी के नियम क्या हैं?

दशमी के दिन सिर्फ एक बार सात्विक भोजन करना चाहिए। मसूर, चना, शहद और कांसे के बर्तन का उपयोग मना है। रात में जमीन पर सोना और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।

दशमी के नियमकांस्य निषेधव्रत तैयारी
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एकादशी के व्रत में क्या खाना चाहिए और क्या बिल्कुल मना है (निषेध)?

चावल, गेहूं, दालें, प्याज, लहसुन और हींग बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। व्रत में आप दूध, दही, फल, साबूदाना, कुट्टू का आटा, आलू और सेंधा नमक खा सकते हैं।

आहार नियमफलाहारवर्जित आहार
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कामदा एकादशी व्रत के लिए दशमी तिथि से ही किन नियमों का पालन करना चाहिए?

दशमी के दिन सिर्फ एक बार बिना प्याज-लहसुन का सादा खाना खाना चाहिए। मांस, शराब, मसूर की दाल और कांसे के बर्तन का इस्तेमाल मना है। रात में जमीन पर सोना चाहिए।

दशमी के नियमव्रत नियमब्रह्मचर्य
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श्राद्ध के भोजन में क्या बनाना चाहिए और क्या नहीं (मसूर, लहसुन-प्याज निषेध)?

श्राद्ध के खाने में गाय का दूध, घी, चावल, मूंग और सेंधा नमक श्रेष्ठ है। प्याज, लहसुन, मांस, अंडा, मसूर की दाल, चना, राजमा, बैंगन, मूली, गाजर और हींग का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

वर्जित अन्नसात्विक आहारनिषेध
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कालाष्टमी का व्रत कैसे खोलें (पारण विधि)?

अगले दिन सुबह सूर्योदय होने के बाद ही व्रत खोलना चाहिए। व्रत खोलने (अन्न खाने) से पहले काले कुत्ते को दूध या मीठी रोटी जरूर खिलाएं, उसके बाद ही स्वयं सात्विक भोजन करें।

पारण विधिव्रत खोलनाकाले कुत्ते का महत्व
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कालाष्टमी के व्रत में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं (नमक निषेध)?

इस दिन निराहार रहना चाहिए या सिर्फ दूध और फल (फलाहार) खाना चाहिए। व्रत में अन्न (अनाज) और किसी भी प्रकार का नमक (यहाँ तक कि सेंधा नमक भी) खाना पूरी तरह मना है।

व्रत का खानानमक निषेधफलाहार
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मासिक दुर्गाष्टमी व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं खाएं (निषेध)?

दिन भर निराहार या फलाहार (कुट्टू, सिंघाड़ा, सेंधा नमक) पर रहें। शाम को एक बार सात्विक भोजन कर सकते हैं। मांस, शराब, लहसुन, प्याज, बैंगन और मसूर की दाल खाना पूरी तरह मना है।

व्रत का खानानिषेधसात्विक आहार
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सत्यनारायण व्रत में उपवास के क्या नियम हैं और क्या नहीं खाना चाहिए?

व्रत के दिन मांसाहार, शराब, प्याज, लहसुन और मसूर की दाल बिल्कुल नहीं खानी चाहिए। आप दिन भर फलाहार कर सकते हैं या पूजा के बाद बिना नमक का सादा भोजन (हविष्यान्न) ले सकते हैं।

उपवास नियमनिषेधहविष्यान्न
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शनिवार व्रत में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?

दिन में एक बार शाम को पूजा के बाद 'उड़द दाल की खिचड़ी' खाएं। मांस, मदिरा, अंडा, मछली, लाल मिर्च और हींग बिल्कुल न खाएं। मदिरा पीने वालों पर शनि का प्रकोप बहुत भारी पड़ता है।

आहार नियमउड़द खिचड़ीतामसिक भोजन
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शनिवार काली व्रत में क्या नहीं खाना चाहिए?

इस व्रत में मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज और 'मसूर की दाल' बिल्कुल नहीं खानी चाहिए, क्योंकि इन्हें तामसिक माना जाता है।

निषेधमांस मदिरामसूर दाल
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शनिवार काली व्रत में क्या खाएं?

दिन भर उपवास रखें और सूर्यास्त के बाद माता की पूजा करके प्रसाद रूप में एक बार 'उड़द की खिचड़ी' या शुद्ध शाकाहारी भोजन खाएं।

एकभुक्तनिरामिषव्रत का खाना
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काली पूजा में उड़द की खिचड़ी क्यों बनाते हैं?

उड़द शनिदेव का अनाज है। आयुर्वेद और मान्यता के अनुसार इसका भोग लगाकर प्रसाद खाने से शरीर की बीमारियां (वात) और शनि के दोष शांत हो जाते हैं।

उड़द की खिचड़ीशनि दोषआयुर्वेद
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संकष्टी चतुर्थी के व्रत में क्या खाना चाहिए?

दिन भर निर्जला या फलाहार (फल, दूध, साबूदाना) रहें। रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने और पूजा के बाद ही प्रसाद खाकर अपना व्रत खोलें (पारण करें)।

व्रत का भोजनफलाहारपारण
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पूर्णिमा के व्रत में क्या खाना चाहिए?

व्रत में फल, आलू, शकरकंद, साबूदाना, कुट्टू, दूध, दही और घी खा सकते हैं। नमक में केवल सेंधा नमक का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

फलाहारसेंधा नमकव्रत का भोजन
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अमावस्या के व्रत में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?

उपवास में दिन में एक बार शुद्ध घी, चावल और मूंग की दाल (हविष्यान्न) खा सकते हैं। प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा, मसूर की दाल और दूसरों के घर का अन्न खाना सख्त मना है।

हविष्यान्नतामसिक भोजनभोजन के नियम
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शनिवार को लोहा और तेल क्यों नहीं खरीदना चाहिए?

शास्त्रों के अनुसार शनिवार को लोहा या तेल खरीद कर घर लाने से दरिद्रता और कलह आती है। ये चीजें पहले से खरीदकर रखनी चाहिए और शनिवार को सिर्फ दान करनी चाहिए।

लोहा निषेधतेल निषेधमुहूर्त चिंतामणि
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शनिवार के व्रत में क्या खाते हैं?

दिन भर उपवास के बाद सूर्यास्त के बाद ही भोजन करना चाहिए। भोजन में उड़द की दाल की खिचड़ी, काले चने या उड़द की कचौड़ी खानी चाहिए।

उड़द की खिचड़ीएकभुक्त व्रतसात्विक भोजन
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संतोषी माता के व्रत में खटाई क्यों नहीं खानी चाहिए?

खटाई दूध (शुक्र के प्रभाव) को फाड़ देती है और खट्टा स्वाद 'असंतोष' और पारिवारिक कलह का प्रतीक है। इसलिए जीवन में माधुर्य और शांति बनाए रखने के लिए खटाई सख्त मना है।

खटाई निषेधशुक्र ग्रहवैज्ञानिक कारण
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गुरुवार के व्रत में केला क्यों नहीं खाते?

गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा होती है, जिसमें भगवान विष्णु का वास माना जाता है। नियम के अनुसार जिस फल की पूजा होती है, उसे व्रती को खुद नहीं खाना चाहिए।

केला निषेधबृहस्पति वनस्पतिभगवान विष्णु
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गुरुवार के व्रत में नमक क्यों नहीं खाते?

नमक शरीर में जल तत्व को रोकता है जबकि गुरु ग्रह आकाश तत्व है। शरीर में हल्कापन और सात्विकता बनाए रखने के लिए इस व्रत में नमक खाना सख्त मना है।

नमक निषेधबिना नमक का व्रतवैज्ञानिक कारण
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गुरुवार के व्रत में क्या खाते हैं?

व्रत में दिन में केवल एक बार, संध्या पूजन के बाद (दिन रहते) भोजन करना चाहिए। भोजन में पीली चीजें जैसे बेसन का हलवा, मीठी रोटी या चने की दाल खानी चाहिए।

पीला भोजनएकभुक्त व्रतचने की दाल
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बुधवार के व्रत में नमक क्यों नहीं खाते?

नमक शरीर में पानी रोकता है और उत्तेजना बढ़ाता है। बुध ग्रह नसों का कारक है, इसलिए नसों को शांत रखने और शरीर को सात्विक बनाने के लिए नमक खाना मना है।

नमक निषेधअलवण भोजनवैज्ञानिक कारण
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बुधवार के व्रत में क्या खाते हैं?

बुधवार के व्रत में दिन भर उपवास रखकर सूर्यास्त के बाद बिना नमक का भोजन करना चाहिए। भोजन में मूंग की दाल का हलवा, मूंग की खिचड़ी, दूध, दही और हरी चीजें (अमरूद, लौकी) खानी चाहिए।

नक्त व्रतमूंग की दालफलाहार
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सोमवार के व्रत में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए?

व्रत में अनाज, साधारण नमक, प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा और बैंगन बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। केवल दूध, दही, फल, सूखे मेवे और सेंधा नमक से बना फलाहारी भोजन सूर्यास्त के बाद करना चाहिए।

व्रत का खानाफलाहारवर्जित खाद्य
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मंगलवार के व्रत में नमक क्यों नहीं खाते हैं?

नमक शरीर में जल तत्व और उत्तेजना को बढ़ाता है, जबकि मंगल अग्नि तत्व का प्रतीक है। इसलिए शरीर की अग्नि को शुद्ध रखने के लिए मंगलवार के व्रत में नमक खाना मना है।

लवण निषेधनमक वर्जितधर्म सिन्धु
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मंगलवार के व्रत में क्या खाते हैं?

मंगलवार के व्रत में दिन में केवल एक बार, सूर्यास्त के बाद पूजा करके ही भोजन करना चाहिए। भोजन में सिर्फ गेहूं और गुड़ से बनी चीजें खानी चाहिए।

व्रत का खानाएकभक्तगेहूं और गुड़
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आहार और नियम — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर आहार और नियम श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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आहार और नियम को गहराई से समझने का तरीका

आहार और नियम प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

30 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

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