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ब्राह्मण भोजन प्रश्नोत्तर — 5 प्रश्न

ब्राह्मण भोजन से जुड़े 5 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 5 प्रश्न

भोजन के बाद ब्राह्मणों को क्या देना चाहिए?

भोजन के बाद ब्राह्मणों को ससम्मान दक्षिणा और वस्त्र भेंट करना चाहिए, और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए। दक्षिणा अर्थात् धन का अर्पण और वस्त्र अर्थात् नए कपड़े। ये दोनों कर्ता की कृतज्ञता का प्रतीक हैं, और बिना इनके श्राद्ध अधूरा रह जाता है। ब्राह्मणों का आशीर्वाद वास्तव में पूर्वजों का ही होता है।

दक्षिणावस्त्रब्राह्मण भेंट
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ब्राह्मण भोजन के समय क्या भावना रखनी चाहिए?

ब्राह्मण भोजन के समय कर्ता को यह भावना रखनी चाहिए कि ब्राह्मणों के शरीर में अपने पूर्वजों की उपस्थिति है। अर्थात् ब्राह्मण केवल माध्यम हैं, और भोजन वास्तव में पितरों को ही पहुँच रहा है। यह भावना श्राद्ध की पूर्णता के लिए अनिवार्य है, क्योंकि श्राद्ध मन की शुद्धि और सही भावना पर निर्भर है।

ब्राह्मण भोजन भावनापूर्वजों की उपस्थितिश्राद्ध भाव
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पितृ कार्य में कितने ब्राह्मण बुलाएं?

श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार श्राद्ध में पितृ कार्य के लिए तीन या अयुग्म विषम संख्या जैसे एक, तीन, पाँच ब्राह्मणों को भोजन कराने का विधान है। अयुग्म का अर्थ है विषम संख्या जो दो से विभाज्य न हो। ब्राह्मण भगवान के भक्त, ज्ञाननिष्ठ और योगी होने चाहिए।

पितृ कार्यतीन ब्राह्मणअयुग्म विषम
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देव कार्य के लिए कितने ब्राह्मण होने चाहिए?

श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार श्राद्ध में देव कार्य के लिए दो ब्राह्मणों को भोजन कराने का विधान है। दो युग्म अर्थात् सम संख्या है, जबकि पितृ कार्य के लिए विषम संख्या एक, तीन, पाँच होती है। ब्राह्मण भगवान के भक्त, ज्ञाननिष्ठ और योगी होने चाहिए।

देव कार्यदो ब्राह्मणश्रीमद्भागवत
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श्राद्ध में कितने ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए?

श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार श्राद्ध में देव कार्य के लिए दो और पितृ कार्य के लिए तीन या अयुग्म विषम संख्या जैसे एक, तीन, पाँच ब्राह्मणों को भोजन कराने का विधान है। ब्राह्मणों को आदरपूर्वक बैठाकर, पूर्वजों की उपस्थिति की भावना से भोजन कराकर, दक्षिणा और वस्त्र देकर आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए।

ब्राह्मण भोजनदेव कार्यपितृ कार्य
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ब्राह्मण भोजन — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर ब्राह्मण भोजन श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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ब्राह्मण भोजन को गहराई से समझने का तरीका

ब्राह्मण भोजन प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

5 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।