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विवाह संस्कार प्रश्नोत्तर — 3 प्रश्न

विवाह संस्कार से जुड़े 3 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 3 प्रश्न

विवाह सात जन्मों का बंधन क्यों कहते?

अग्नि साक्षी+सात फेरे=अटूट। पुनर्जन्म: दो आत्माओं Karmic bond। '7'=पूर्णता। गहरा अर्थ: 'हमेशा'=कठिनाई में भी साथ। आधुनिक: 7 जन्म=प्रतिबद्धता प्रतीक, बंधन नहीं=प्रेम गहराई।

सात जन्मविवाहबंधन
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कन्यादान सबसे बड़ा दान क्यों?

कन्या=देवी स्वरूप, सबसे प्रिय=सबसे बड़ा त्याग=सबसे बड़ा पुण्य। दो परिवार जोड़ती=सृष्टि दान। शास्त्रीय=सम्मान+विश्वास। आधुनिक: कन्या सहमति अनिवार्य=संबंध दान, सम्पत्ति नहीं।

कन्यादानदानविवाह
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विवाह के सात फेरे और सात वचन — विस्तार से?

1.अन्न/पोषण 2.बल/स्वास्थ्य 3.धन/समृद्धि 4.सुख/सम्मान 5.संतान 6.ऋतु/संयम 7.मित्रता/वफादारी(सबसे महत्वपूर्ण)। ऋग्वेद सप्तपदी। 7 वचन=भोजन से मोक्ष=सम्पूर्ण जीवन।

सात फेरेसात वचनविवाह
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विवाह संस्कार — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर विवाह संस्कार श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

विषय को सही क्रम से पढ़ें

विवाह संस्कार को गहराई से समझने का तरीका

विवाह संस्कार प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

3 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।