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तंत्र एवं साधना प्रश्नोत्तर — 2 प्रश्न

तंत्र एवं साधना से जुड़े 2 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 2 प्रश्न

केरल तंत्र में घंटाकर्ण का क्या स्वरूप है?

केरल दारुकजित विद्या में घंटाकर्ण शिव के कर्ण-मल से उत्पन्न — भद्रकाली के रक्षक 'पुलि-भैरव'। प्रेत-बाधा और नकारात्मक ऊर्जाओं से रक्षा उनकी भूमिका। तीनों परंपराओं में वे उग्र रक्षक देवता हैं।

घंटाकर्णकेरल तंत्रभद्रकाली
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मारण मंत्र की सच्चाई क्या है?

मारण मंत्र तंत्र के षट्कर्मों में से एक है — जिसका उद्देश्य शत्रु को हानि पहुँचाना बताया जाता था। इसका कोई प्रमाणित वैज्ञानिक आधार नहीं है। शास्त्रों में अन्य की हानि के लिए मंत्र-प्रयोग को पाप माना गया है और धर्मशास्त्र किसी के प्राण लेने का अधिकार किसी मनुष्य को नहीं देते। इसे किसी भी दृष्टि से अनुकरणीय नहीं माना जाना चाहिए।

मारण मंत्रतांत्रिक मंत्रमारण क्रिया
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तंत्र एवं साधना — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर तंत्र एवं साधना श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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तंत्र एवं साधना को गहराई से समझने का तरीका

तंत्र एवं साधना प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

2 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।