ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

गृहप्रवेश नियम प्रश्नोत्तर — 3 प्रश्न

गृहप्रवेश नियम से जुड़े 3 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 3 प्रश्न

घर की नींव रखने का शुभ मुहूर्त कैसे निकालें?

शुभ तिथि (शुक्ल पक्ष), शुभ नक्षत्र (रोहिणी, पुष्य, श्रवण आदि), शुभ वार (सोम/बुध/गुरु/शुक्र) और शुभ लग्न देखकर मुहूर्त निकालें। योग्य ज्योतिषी से गृहस्वामी की कुंडली अनुसार मुहूर्त निकलवाना सर्वोत्तम है।

नींव मुहूर्तभूमि पूजनशुभ मुहूर्त
पूरा उत्तर पढ़ें →

नए घर में प्रवेश से पहले कौन सा हवन करना चाहिए?

नए घर में वास्तु शांति हवन सबसे महत्वपूर्ण है — वास्तु पुरुष की कृपा के लिए। साथ में गणपति हवन (विघ्न निवारण) और नवग्रह शांति हवन करें। शुभ मुहूर्त पर योग्य पंडित से करवाएँ।

गृहप्रवेशहवनवास्तु शांति
पूरा उत्तर पढ़ें →

नए घर में पहली रात कौन सा मंत्र जपें?

नए घर में पहली रात 'ॐ गं गणपतये नमः' (विघ्न निवारण), महामृत्युंजय मंत्र (रक्षा) और 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' (समृद्धि) का जप करें। अखंड ज्योति जलाएँ और गंगाजल छिड़कें।

गृहप्रवेशनया घरमंत्र
पूरा उत्तर पढ़ें →

गृहप्रवेश नियम — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर गृहप्रवेश नियम श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

विषय को सही क्रम से पढ़ें

गृहप्रवेश नियम को गहराई से समझने का तरीका

गृहप्रवेश नियम प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

3 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।