ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

श्रीरुद्रम प्रश्नोत्तर — 3 प्रश्न

श्रीरुद्रम से जुड़े 3 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 3 प्रश्न

चमकम् में क्या माँगते हैं शिव से?

चमकम् में 'च मे' से माँगते हैं: सुख-धनार्जन (तृतीय), अनाज की प्रचुरता-दूध-घी-मधु (चतुर्थ), ग्रहों का आशीर्वाद (सप्तम)। भौतिक समृद्धि और आध्यात्मिक उत्थान दोनों की एक साथ प्रार्थना।

चमकम् याचनाभौतिक आध्यात्मिकच मे
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'ॐ नमः शिवाय' मंत्र कहाँ से आया — किस वेद में है?

'ॐ नमः शिवाय' = नमकम् के अष्टम अनुवाक से। यजुर्वेद (कृष्ण यजुर्वेद, तैत्तिरीय संहिता)। इस अनुवाक में शिव-उमा को नमन, शत्रुनाश और मोक्ष के लिए विशेष रूप से जपा जाता है।

ॐ नमः शिवायनमकम् अष्टम अनुवाकयजुर्वेद
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नमकम् में पहले क्या प्रार्थना होती है?

नमकम् प्रथम अनुवाक: 'ॐ नमस्ते रुद्र मन्यव उतोत इषवे नमः।' शिव के क्रोध, धनुष और बाणों को शांत करने की प्रार्थना। भक्त याचना करता है कि शिव का बाण दयालु (शिवतमा) बन जाए।

नमकम् प्रथम अनुवाकरुद्र क्रोध शांतधनुष बाण
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श्रीरुद्रम — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर श्रीरुद्रम श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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श्रीरुद्रम को गहराई से समझने का तरीका

श्रीरुद्रम प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

3 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।