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स्तोत्र पाठ प्रश्नोत्तर — 9 प्रश्न

स्तोत्र पाठ से जुड़े 9 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 9 प्रश्न

बिल्वाष्टकम् का पाठ करने से क्या फल (फलश्रुति) मिलता है?

जो व्यक्ति भगवान शिव के सामने इस 'बिल्वाष्टकम्' स्तोत्र का पाठ करता है, वह सभी पापों से मुक्त होकर अंत में शिवलोक (मोक्ष) को प्राप्त करता है।

फलश्रुतिशिवलोकपाप मुक्ति
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बेलपत्र के मूल (जड़), मध्य और अग्र भाग में कौन से देवता रहते हैं?

शास्त्रों के अनुसार बेलपत्र के मूल (निचले हिस्से) में ब्रह्मा, बीच में विष्णु और आगे के हिस्से में भगवान शिव का वास होता है।

त्रिदेवमूलअग्र भाग
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बेल के पेड़ के दर्शन और स्पर्श से क्या होता है?

बेल के पेड़ को सिर्फ देखने (दर्शन) और छूने (स्पर्श) से ही इंसान के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं, यहाँ तक कि भयंकर 'अघोर पाप' भी खत्म हो जाते हैं।

दर्शनस्पर्शनअघोर पाप
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बिल्वाष्टकम् के अनुसार बेल के पेड़ की उत्पत्ति कहाँ से हुई है?

बिल्वाष्टकम् के अनुसार, महादेव को अत्यंत प्रिय बेल के पेड़ की उत्पत्ति देवी लक्ष्मी के वक्षस्थल से हुई है।

उत्पत्तिभगवती लक्ष्मीबिल्व वृक्ष
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एक बेलपत्र चढ़ाने से कितने दानों (कन्यादान, महादान) का फल मिलता है?

सिर्फ एक बेलपत्र चढ़ाने का पुण्य करोड़ों हाथी दान करने, सैकड़ों वाजपेय यज्ञ करने और करोड़ों कन्यादान करने के फल के बराबर होता है।

महादानपुण्यसोमयज्ञ
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अखंड (बिना कटे-फटे) बेलपत्र चढ़ाने का क्या फायदा है?

शास्त्रों के अनुसार, एक भी अखंडित (बिना कटा-फटा) बेलपत्र चढ़ाने से मनुष्य अपने सभी पापों से पूरी तरह शुद्ध (पाप-मुक्त) हो जाता है।

अखंड बिल्वपत्रनंदीश्वरपाप शुद्धि
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बिल्वाष्टकम् का पहला श्लोक (त्रिदलं त्रिगुणाकारं...) क्या है?

श्लोक है: 'त्रिदलं त्रिगुणाकारं, त्रिनेत्रं च त्रियायुधम्। त्रिजन्मपाप संहारं, एकबिल्वं शिवार्पणम्॥' (तीन गुणों और तीन नेत्रों वाले, तीन जन्मों के पाप मिटाने वाले इस बेलपत्र को मैं शिव को अर्पित करता हूँ)।

पहला श्लोकत्रिदलं त्रिगुणाकारंपाप संहार
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कर्ज मुक्ति के लिए प्रदोष मंत्र?

कर्ज और गरीबी से छुटकारा पाने के लिए शिव जी का 'प्रदोष स्तोत्रम्' (महादारिद्र्यमग्नस्य महापापहतस्य च...) पढ़ना चाहिए।

ऋण मोचनदारिद्र्यप्रदोष स्तोत्र
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प्रदोष स्तोत्राष्टकम् क्या है?

यह स्कंद पुराण में लिखा एक खास पाठ है, जिसका अर्थ है कि इस जन्म और मरण के भयंकर संसार में केवल शिव जी के चरणों की सेवा ही एकमात्र सत्य है।

स्कंद पुराणस्तोत्राष्टकम्शिव महिमा
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स्तोत्र पाठ — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर स्तोत्र पाठ श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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स्तोत्र पाठ को गहराई से समझने का तरीका

स्तोत्र पाठ प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

9 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।