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तंत्र ग्रंथ प्रश्नोत्तर — 10 प्रश्न

तंत्र ग्रंथ से जुड़े 10 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 10 प्रश्न

कुलार्णव तंत्र में क्या शिक्षा दी गई है?

कौल मार्ग। गुरु = सर्वस्व ('न गुरोरधिकं तत्त्वं')। पाशु→वीर→दिव्य। बाहरी < आंतरिक। पंचमकार = प्रतीकात्मक। गृहस्थ = साधना। कुल = शक्ति।

कुलार्णवतंत्रशिक्षा
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योगिनी तंत्र में किस प्रकार की साधनाएं वर्णित हैं?

64 योगिनी = 64 शक्ति रूप। साधनाएं: योगिनी पूजा, चक्र साधना, कुण्डलिनी, डाकिनी, मंत्र-यंत्र। मंदिर: हीरापुर, मितौली, खजुराहो। गुरु दीक्षा अनिवार्य। [समीक्षा आवश्यक] — गुरुमुखी।

योगिनीतंत्र64 योगिनी
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शारदातिलक तंत्र में किन विषयों का वर्णन है?

लक्ष्मणदेशिक (11वीं शताब्दी)। 25 पटल। विषय: मंत्र, यंत्र, न्यास, पूजा, दीक्षा, होम, षट्कर्म, कुण्डलिनी, मुद्रा, रसायन। शैव+शाक्त+वैष्णव समन्वय। तंत्र का 'पाठ्यपुस्तक'।

शारदातिलकतंत्रग्रंथ
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रुद्रयामल तंत्र में किन साधनाओं का वर्णन है?

शिव-पार्वती संवाद। मंत्र शास्त्र, यंत्र, दशमहाविद्या, कुंडलिनी, षट्कर्म (6 तांत्रिक कर्म), कवच, न्यास, मुद्रा। 'रुद्र+यामल' = शिव-शक्ति। गोपनीय।

रुद्रयामलतंत्रग्रंथ
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विश्वसार तंत्र में कौन से मंत्र प्रमुख हैं?

शैव तंत्र। पंचाक्षरी ('ॐ नमः शिवाय'), बीज (ॐ/ह्रीं/श्रीं/क्लीं), प्रणव ('ॐ'), मातृका (50 अक्षर)। 'विश्व का सार'। प्रसिद्ध: 'मंत्रो गुरुतः प्राप्तः सिद्ध्यते' — गुरु से सिद्ध।

विश्वसारतंत्रमंत्र
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प्रपंचसार तंत्र का मुख्य विषय क्या है?

शंकराचार्य रचित। सृष्टि विज्ञान, मंत्र शास्त्र, न्यास, ध्यान, षोडशोपचार, समयाचार। वेदांत+तंत्र समन्वय। सरस्वती तीर्थ टीका। सबसे शास्त्रीय।

प्रपंचसारतंत्रविषय
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महानिर्वाण तंत्र का मुख्य विषय क्या है?

कलियुग तंत्र — सरल+उदार। ब्रह्म ज्ञान, कलियुग धर्म, पंचमकार (प्रतीकात्मक), सामाजिक सुधार (स्त्री/शूद्र अधिकार), दीक्षा, संस्कार। सबसे प्रगतिशील। Woodroffe अनुवाद।

महानिर्वाणतंत्रविषय
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तंत्रराज तंत्र में श्री विद्या की साधना कैसे बताई गई है?

36 पटल, शिव-शक्ति संवाद। षोडशी मंत्र + श्री चक्र 9 आवरण + 12 उपासक मुख। कादी/हादी मत। टीका: सुभगानंद/भास्कर राय। गुरु अनिवार्य — गुप्तमें गुप्त।

तंत्रराजश्री विद्यासाधना
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तंत्र सार में कितने प्रकार की साधनाएं बताई गई हैं?

अभिनवगुप्त (काश्मीर शैव)। 4 उपाय: आणव (शारीरिक — मंत्र/प्राणायाम), शाक्त (मानसिक — ज्ञान/ध्यान), शाम्भव (इच्छा — संकल्प), अनुपाय (सहज — कुछ नहीं=ब्रह्म)। तंत्रालोक संक्षिप्त।

तंत्र सारप्रकारसाधना
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तंत्र साधना के लिए कौन से ग्रंथ पढ़ने चाहिए?

शुरुआती: विज्ञान भैरव, महानिर्वाण, कुलार्णव। मध्यम: प्रपंचसार (शंकराचार्य), सप्तशती, शिव सूत्र। उन्नत: तंत्रालोक, तंत्रराज, रुद्रयामल। अंग्रेजी: Arthur Avalon।

ग्रंथपढ़नेसूची
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तंत्र ग्रंथ — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर तंत्र ग्रंथ श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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तंत्र ग्रंथ को गहराई से समझने का तरीका

तंत्र ग्रंथ प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

10 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।