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वास्तु नियम प्रश्नोत्तर — 6 प्रश्न

वास्तु नियम से जुड़े 6 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 6 प्रश्न

घर में बांस का पौधा रखना शुभ है या अशुभ वास्तु में?

बांस (लकी बैम्बू) रखना वास्तु और फेंगशुई दोनों में शुभ है — सकारात्मक ऊर्जा, सौभाग्य और वास्तु दोष निवारण। पूर्व या दक्षिण-पूर्व में रखें। 3, 7 या 8 डंडे शुभ, 4 से बचें। सूखा पौधा न रखें।

बांस पौधालकी बैम्बूवास्तु
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किचन में चूल्हा किस दिशा में होना चाहिए वास्तु अनुसार?

चूल्हा दक्षिण-पूर्व (अग्नि कोण) में रखें — सर्वोत्तम। खाना बनाने वाले का मुख पूर्व की ओर हो। ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में चूल्हा कदापि नहीं — अग्नि-जल टकराव। चूल्हा और सिंक साथ न रखें।

किचन वास्तुचूल्हा दिशाअग्नि कोण
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घर में पुरानी टूटी चीजें रखने से क्या वास्तु दोष होता है?

हाँ, टूटी चीजें (बर्तन, घड़ी, दर्पण, फर्नीचर, मूर्तियाँ) रखने से गंभीर वास्तु दोष होता है — नकारात्मक ऊर्जा, धन हानि, कलह और स्वास्थ्य समस्याएँ। तुरंत मरम्मत या घर से बाहर करें।

टूटी चीजेंवास्तु दोषनकारात्मक ऊर्जा
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वास्तु के अनुसार शौचालय किस दिशा में होना चाहिए?

शौचालय उत्तर-पश्चिम (वायव्य), दक्षिण या पश्चिम में बनाएँ। ईशान कोण, अग्नि कोण और घर के मध्य में कभी नहीं। पूजा घर के बगल/ऊपर/नीचे भी वर्जित। दरवाज़ा सदैव बंद रखें।

शौचालय दिशावास्तुटॉयलेट
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घर में कांटेदार पौधे रखने से क्या वास्तु दोष होता है?

हाँ, कांटेदार पौधे (कैक्टस आदि) घर के अंदर रखना अशुभ है — नकारात्मक ऊर्जा, आर्थिक हानि और पारिवारिक कलह बढ़ती है। तुलसी, मनी प्लांट, बांस जैसे शुभ पौधे रखें। कांटेदार पौधों की तस्वीर भी वर्जित है।

कांटेदार पौधेकैक्टसवास्तु दोष
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घर में लोहे का पलंग रखना शुभ है या अशुभ वास्तु में?

वास्तु में लोहे के पलंग पर मिश्रित मत है — लोहा शनि कारक है, नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकता है। लकड़ी का पलंग सर्वोत्तम और सबसे शुभ माना जाता है। लोहे का पलंग है तो गद्दा/तख्ता बिछाएँ।

लोहा पलंगवास्तु दोषशयन कक्ष
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वास्तु नियम — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर वास्तु नियम श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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वास्तु नियम को गहराई से समझने का तरीका

वास्तु नियम प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

6 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।