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समिधा प्रश्नोत्तर — 8 प्रश्न

समिधा से जुड़े 8 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 8 प्रश्न

सामान्य हवन के लिए सबसे अच्छी लकड़ी कौन सी है?

सामान्य दैनिक हवन के लिए आम (मैंगीफेरा इण्डिका) की लकड़ी सर्वाधिक सुलभ और प्रामाणिक मानी गई है।

सामान्य हवन लकड़ीआम की लकड़ीमैंगीफेरा
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हवन में कौन सी लकड़ी नहीं डालनी चाहिए?

हवन में निषिद्ध लकड़ियाँ: तेंदू, धव, नीम, कचनार, बहेड़ा, लिसोड़ा, दूध वाले वृक्ष और सभी प्रकार के कांटेदार वृक्ष (सर्व कंटक वृक्ष विवर्जितम) — ये देव-यज्ञ में सर्वथा वर्जित हैं।

निषिद्ध लकड़ीतेंदू नीमकांटेदार वृक्ष
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ऋतु के अनुसार कौन सी समिधा चुनें?

ऋतु अनुसार समिधा: वसंत = शमी; ग्रीष्म = पीपल; वर्षा = ढाक/बिल्व; शरद = आम; हेमंत = खैर; शिशिर = गूलर/बरगद। सामान्य दैनिक हवन के लिए आम की लकड़ी सर्वाधिक सुलभ और प्रामाणिक।

ऋतु समिधावसंत ग्रीष्म वर्षाशरद हेमंत शिशिर
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राहु-केतु के लिए कौन सी समिधा होती है?

राहु के लिए: दूर्वा (दूब) — दीर्घायु और स्वास्थ्य रक्षण। केतु के लिए: कुशा (कुश) — सभी मनोरथों की सिद्धि और दैवीय आघातों से रक्षण।

राहु समिधाकेतु समिधादूर्वा कुशा
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किस ग्रह की शांति के लिए कौन सी समिधा जलाएं?

ग्रह-समिधा: सूर्य = मदार (रोग नाश); चंद्र = पलाश (सर्वकाम सिद्धि); मंगल = खैर (धन-ऐश्वर्य); बुध = अपामार्ग (ज्ञान-सफलता); बृहस्पति = पीपल (संतान-गुरु कृपा); शुक्र = गूलर (सुख); शनि = शमी (पाप शमन); राहु = दूर्वा (दीर्घायु); केतु = कुशा (मनोरथ सिद्धि)।

ग्रह शांति समिधानवग्रहसूर्य चंद्र मंगल
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समिधा का आकार कितना होना चाहिए?

समिधा का आकार: लंबाई = 'प्रादेश मात्र' (अंगूठे से तर्जनी/कनिष्ठा तक का विस्तार)। मोटाई = अंगूठे से अधिक नहीं। समिधा सड़ी-गली, घुनी, कीड़ों वाली, गंदी जगह की या बिना छाल की नहीं होनी चाहिए।

समिधा आकारप्रादेश मात्रअंगूठे से मोटी नहीं
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हवन में कौन सी लकड़ी (समिधा) इस्तेमाल करते हैं?

समिधा = हवन में जलाई जाने वाली पवित्र लकड़ी। ऋग्वेद और यजुर्वेद: 'समिधाग्निं दुवस्यत घृतैर्बोधयतातिथिम्।' सामान्य हवन के लिए आम की लकड़ी सर्वाधिक सुलभ और प्रामाणिक। ग्रह शांति के लिए अलग-अलग समिधाओं का विधान।

समिधायज्ञीय काष्ठऋग्वेद
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समिधा — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर समिधा श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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समिधा को गहराई से समझने का तरीका

समिधा प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

8 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।