विस्तृत उत्तर
शास्त्रीय दृष्टि से यज्ञ में निषिद्ध लकड़ियों का भी स्पष्ट उल्लेख है। तेंदू, धव, नीम, कचनार, बहेड़ा, लिसोड़ा, और दूध वाले या सभी प्रकार के कांटेदार वृक्ष (सर्व कंटक वृक्ष विवर्जितम) देव-यज्ञ में समिधा के रूप में सर्वथा वर्जित हैं।
हवन में निषिद्ध लकड़ियाँ: तेंदू, धव, नीम, कचनार, बहेड़ा, लिसोड़ा, दूध वाले वृक्ष और सभी प्रकार के कांटेदार वृक्ष (सर्व कंटक वृक्ष विवर्जितम) — ये देव-यज्ञ में सर्वथा वर्जित हैं।
शास्त्रीय दृष्टि से यज्ञ में निषिद्ध लकड़ियों का भी स्पष्ट उल्लेख है। तेंदू, धव, नीम, कचनार, बहेड़ा, लिसोड़ा, और दूध वाले या सभी प्रकार के कांटेदार वृक्ष (सर्व कंटक वृक्ष विवर्जितम) देव-यज्ञ में समिधा के रूप में सर्वथा वर्जित हैं।
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