विस्तृत उत्तर
ऋतुओं के अनुसार भी समिधाओं का चयन किया जाता है:
— वसंत ऋतु में शमी की समिधा
— ग्रीष्म में पीपल की समिधा
— वर्षा में ढाक (पलाश) या बिल्व की समिधा
— शरद में आम की समिधा
— हेमंत में खैर की समिधा
— शिशिर में गूलर या बड़ (बरगद) की समिधा का प्रयोग अत्यंत शुभ माना गया है।
सामान्य दैनिक हवन के लिए आम (मैंगीफेरा इण्डिका) की लकड़ी को सर्वाधिक सुलभ एवं प्रामाणिक माना जाता है।





