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स्तोत्र विधि प्रश्नोत्तर — 8 प्रश्न

स्तोत्र विधि से जुड़े 8 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 8 प्रश्न

हनुमान चालीसा सिद्ध करने में कितने दिन?

40 दिन लगातार(एक न छोड़ें), निश्चित समय+संख्या(7/11), ब्रह्मचर्य+सात्विक, मंगलवार आरंभ। 'चालीसा'=40=पूर्ण चक्र। तोड़ा=पुनः आरंभ। कठिन पर फलदायक।

हनुमान चालीसासिद्धि40 दिन
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हनुमान चालीसा कितनी बार पढ़ें एक दिन में?

1=दैनिक, 3=अनुष्ठान, 7=संकट, 11=मंगल/शनि, 21=गंभीर, 40 दिन=सिद्धि, 100=महासिद्धि। रोज़ 1 पर्याप्त। संख्या<भाव — 1 सच्ची>100 बिना भाव।

हनुमान चालीसाकितनी बारजप
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गणपति अथर्वशीर्ष 21 बार पढ़ने से क्या होता है?

संकष्टी पर 21 बार=दोगुना फल, बिगड़े काम बनें। अथर्वशीर्ष: 1000 बार=सभी कामना सिद्ध। महाविघ्न/महापाप मुक्ति। दैनिक 1, बुधवार विशेष। विद्यार्थी/व्यापारी/सभी।

गणपति अथर्वशीर्ष21 बारसंकष्टी
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हनुमान चालीसा सुनने से भी लाभ मिलता है क्या?

हाँ — श्रवण=भक्ति प्रथम मार्ग। शांति, भय कम, सकारात्मकता। पर पढ़ना>सुनना(पूर्ण प्रभाव)। ड्राइविंग/कुकिंग=सुनें, पूजा=पढ़ें। कुछ न करने से सुनना 100x बेहतर।

हनुमान चालीसासुननालाभ
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बजरंग बाण कब नहीं पढ़ना चाहिए?

बिना कारण/शांत समय=नहीं(बाण=तीर)। गर्भवती/बच्चे/अशुद्ध=नहीं। कब=शत्रु/प्रेत/गंभीर संकट/तांत्रिक बाधा। आपातकालीन हथियार—रोज़ नहीं, जरूरत पर।

बजरंग बाणकब नहींनियम
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विष्णु सहस्रनाम कितने दिन पढ़ने से मनोकामना पूरी?

40 दिन लगातार(प्रचलित), 48/108 दिन(विशेष)। एक ही समय, एकाग्रता, न तोड़ें। एकादशी/गुरुवार आरंभ। भीष्म: 'रोज़ नाम=कुछ अप्राप्य नहीं।' दिन<भक्ति।

विष्णु सहस्रनामदिनमनोकामना
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सुंदरकांड किस समस्या में पढ़ना चाहिए?

विवाह=सीता खोज। कर्ज=लंका दहन। रोग=संजीवनी। कोर्ट=लंका विजय। नौकरी=समुद्र लांघना। गृहकलह=राम-सीता मिलन। 'चालीसा न करे=सुंदरकांड करता है।'

सुंदरकांडसमस्याकब पढ़ें
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स्तोत्र विधि — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर स्तोत्र विधि श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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स्तोत्र विधि को गहराई से समझने का तरीका

स्तोत्र विधि प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

8 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।