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विशिष्ट पूर्णिमा प्रश्नोत्तर — 4 प्रश्न

विशिष्ट पूर्णिमा से जुड़े 4 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 4 प्रश्न

कार्तिक पूर्णिमा का क्या महत्व है?

इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया था, इसलिए इसे देव दीपावली कहते हैं। इस दिन दीप दान करने से सौ यज्ञों के बराबर पुण्य मिलता है।

कार्तिक पूर्णिमादेव दीपावलीत्रिपुरी पूर्णिमा
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वट सावित्री व्रत किस पूर्णिमा को होता है?

ज्येष्ठ महीने की पूर्णिमा को वट सावित्री व्रत होता है। इसमें महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा कर पति की लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं।

वट पूर्णिमाज्येष्ठ पूर्णिमासावित्री व्रत
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शरद पूर्णिमा पर रात में खीर क्यों रखते हैं?

मान्यता है कि इस रात चंद्रमा 16 कलाओं से पूर्ण होकर अमृत बरसाता है। चांदनी में रखी खीर में वह औषधीय अमृत समा जाता है जो स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होता है।

शरद पूर्णिमाकोजागरी पूर्णिमाअमृत वर्षा
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गुरु पूर्णिमा कब मनाई जाती है?

आषाढ़ महीने की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा कहते हैं। यह महर्षि वेदव्यास का जन्मदिन है और इसी दिन से सन्यासी अपना चातुर्मास शुरू करते हैं।

गुरु पूर्णिमाआषाढ़ पूर्णिमावेदव्यास जन्म
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विशिष्ट पूर्णिमा — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर विशिष्ट पूर्णिमा श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

विषय को सही क्रम से पढ़ें

विशिष्ट पूर्णिमा को गहराई से समझने का तरीका

विशिष्ट पूर्णिमा प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

4 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।