विस्तृत उत्तर
अक्टूबर-नवंबर में आने वाली कार्तिक पूर्णिमा को 'त्रिपुरी पूर्णिमा' और 'देव दीपावली' (देवताओं का प्रकाशोत्सव) कहा जाता है क्योंकि इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध किया था। यह तुलसी विवाह के समापन का दिन भी है और इस दिन दीप दान करने का फल सौ यज्ञों के बराबर माना जाता है।





