विस्तृत उत्तर
ज्येष्ठ महीने (मई-जून) की पूर्णिमा को 'वट पूर्णिमा' या वट सावित्री व्रत किया जाता है। सुहागिन स्त्रियाँ अपने पति की लंबी आयु के लिए बरगद (वट) के पेड़ की पूजा करती हैं और उस पर कच्चा सूत लपेटती हैं, क्योंकि सती सावित्री ने यमराज से लड़कर इसी पेड़ के नीचे अपने पति सत्यवान के प्राण बचाए थे।





