विस्तृत उत्तर
आश्विन मास (सितंबर-अक्टूबर) की शरद या 'कोजागरी' पूर्णिमा की रात चंद्रमा 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी किरणों से अमृत वर्षा होती है। इसलिए गाय के दूध और चावल की खीर बनाकर रात भर चांदनी में रखी जाती है ताकि उसमें चंद्रमा का औषधीय अमृत आ सके। मान्यता है कि इस रात देवी लक्ष्मी जागने वालों को धन का आशीर्वाद देती हैं।





