ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
पर्व📜 भागवत पुराण (रासलीला), आयुर्वेद, लोक परम्परा2 मिनट पठन

शरद पूर्णिमा पर खीर रखने की परंपरा का क्या कारण है

संक्षिप्त उत्तर

शरद पूर्णिमा खीर: (1) चन्द्रमा सोलह कलाओं में पूर्ण — अमृत वर्षा। (2) आयुर्वेद: शरद में पित्त बढ़ता है, चन्द्र किरण + खीर = शीतल, पित्तशामक। (3) भागवत: कृष्ण रासलीला रात्रि। (4) कोजागरी: लक्ष्मी जागने वालों को धन देती हैं। चाँदनी में रखकर प्रातः प्रसाद।

📖

विस्तृत उत्तर

शरद पूर्णिमा (आश्विन शुक्ल पूर्णिमा) की रात खीर चाँदनी में रखने की परम्परा अत्यन्त प्रसिद्ध है।

कारण

1चन्द्र अमृत वर्षा

शास्त्रों और आयुर्वेद में मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चन्द्रमा अपनी सोलहों कलाओं से पूर्ण होता है और उसकी किरणों से अमृत बरसता है। इस रात चन्द्र किरणों में औषधीय गुण सर्वाधिक होते हैं।

2आयुर्वेदिक कारण

  • शरद ऋतु में पित्त दोष बढ़ता है (ग्रीष्म में संचित पित्त शरद में प्रकुपित)।
  • चन्द्रमा शीतल है — उसकी किरणें पित्त शामक।
  • दूध + चावल (खीर) = शीतल, पित्त शामक।
  • चाँदनी में रखने से खीर में चन्द्र किरणों का शीतल गुण समाहित होता है।

3भागवत पुराण

इसी रात भगवान कृष्ण ने गोपियों के साथ महारासलीला की थी। खीर = भक्ति और प्रेम का प्रसाद।

4लक्ष्मी पूजन

शरद पूर्णिमा को 'कोजागरी पूर्णिमा' भी कहते हैं — लक्ष्मी जी रात्रि में भ्रमण कर 'कोजागरी' (कौन जाग रहा है?) पूछती हैं और जागने वालों को धन देती हैं।

खीर रखने की विधि

  • शुद्ध दूध और चावल (बासमती) की खीर बनाएँ, मिश्री/शक्कर + इलायची + केसर।
  • चाँदी के पात्र में (सम्भव हो तो) खुले आकाश में चाँदनी में रखें।
  • प्रातःकाल प्रसाद रूप में ग्रहण करें।
📜
शास्त्रीय स्रोत
भागवत पुराण (रासलीला), आयुर्वेद, लोक परम्परा
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

शरद पूर्णिमाखीरचन्द्रमाअमृत

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

शरद पूर्णिमा पर खीर रखने की परंपरा का क्या कारण है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको पर्व से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर भागवत पुराण (रासलीला), आयुर्वेद, लोक परम्परा पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।