विस्तृत उत्तर
गुरु पूर्णिमा (आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा) पर गुरु दक्षिणा = गुरु के प्रति कृतज्ञता।
क्या दें
1. यथाशक्ति धन: सबसे प्रचलित। राशि निर्धारित नहीं — श्रद्धा और सामर्थ्य अनुसार। विषम संख्या (₹101, ₹501, ₹1001 आदि) = शुभ।
2. वस्त्र: नए वस्त्र (धोती-कुर्ता/साड़ी) गुरु को = अत्यन्त शुभ।
3. फल-मिठाई: पंचफल (5 प्रकार), मिठाई, मेवा।
4. पुस्तकें/विद्या सम्बन्धी: गुरु को ज्ञान सामग्री = विद्या का सम्मान।
5. सेवा (सर्वोत्तम): गुरु गीता: सबसे बड़ी दक्षिणा = गुरु सेवा, गुरु आज्ञा पालन, गुरु शिक्षा का अभ्यास और प्रसार। 'गुरु वाक्यं प्रतिवाक्यं नैव कार्यं कदाचन' — गुरु वचन का अनादर कभी न करें।
6. गौ दान: गाय दान = गुरु दक्षिणा में श्रेष्ठ (प्राचीन परम्परा)।
7. स्वर्ण/चाँदी: यथाशक्ति।
ध्यान रखें
- ▸दक्षिणा = हृदय की कृतज्ञता, राशि गौण।
- ▸गुरु ने कभी दक्षिणा न माँगी हो — तब भी स्वयं अर्पित करें।
- ▸'गुरु दक्षिणां विना विद्या निष्फला भवति' — बिना दक्षिणा विद्या निष्फल।
- ▸सबसे बड़ी दक्षिणा = गुरु उपदेश को जीवन में उतारना।





