विस्तृत उत्तर
तुलसी विवाह का मुख्य समय कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशी को माना जाता है। यह वह पावन दिवस है जब चातुर्मास के पश्चात भगवान विष्णु अपनी चार मास की योगनिद्रा से जाग्रत होते हैं।
धर्मसिन्धु' और 'निर्णयसिन्धु' के सूक्ष्म विवेचन के अनुसार, यह अनुष्ठान कार्तिक शुक्ल एकादशी (द्वादशी युक्ता) से लेकर कार्तिक पूर्णिमा के मध्य किसी भी शुभ दिन किया जा सकता है। कई वैष्णव संप्रदायों और क्षेत्रीय परंपराओं में इसे द्वादशी तिथि के दिन संपन्न करना अधिक श्रेयस्कर माना जाता है।




