विस्तृत उत्तर
शास्त्रों में कुछ समय-खंडों को घटस्थापना के लिए पूर्णतः निषिद्ध (वर्जित) माना गया है। 'निर्णयसिन्धु' के स्पष्ट निर्देशानुसार:
— चित्रा नक्षत्र के समय कलश स्थापना कदापि नहीं करनी चाहिए।
— वैधृति योग के समय कलश स्थापना कदापि नहीं करनी चाहिए।
— रात्रि के अंधकार में कलश स्थापना पूर्णतः निषिद्ध है।
— अमावस्या तिथि के प्रभाव काल में कलश स्थापना पूर्णतः निषिद्ध है, क्योंकि अमावस्या क्षीण चंद्रमा का काल है जो देवी के सत्वगुण संपन्न आवाह्न के लिए उपयुक्त नहीं है।
— राहु काल में भी कोई भी शुभ कार्य आरंभ नहीं करना चाहिए।





