विस्तृत उत्तर
वाहन एक गतिशील वस्तु है, अतः ज्योतिष शास्त्र में इसके लिए 'चर' (Chara) और 'मृदु' (Mridu) नक्षत्रों को प्राथमिकता दी गई है।
चल नक्षत्र (लंबी और सुरक्षित यात्राओं के लिए): पुनर्वसु, स्वाति, श्रवण, धनिष्ठा और शतभिषा।
विशेष फलदायी नक्षत्र: हस्त, पुष्य, अश्विनी और रेवती — इन नक्षत्रों में वाहन पूजन करने से वाहन की आयु बढ़ती है और वह स्वामी के लिए कल्याणकारी सिद्ध होता है।





