विस्तृत उत्तर
विवाह संस्कार के लिए 'गोधूलि बेला' अथवा संध्याकाल (सूर्यास्त के समय या सायं 6 बजे से 8 बजे के मध्य) को सर्वाधिक श्रेष्ठ माना जाता है, क्योंकि विवाह के कृत्यों में 'प्रदोष व्यापिनी' तिथि की प्रबलता शास्त्रसम्मत है।
इस समय देवों का जागरण पूर्ण माना जाता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार अपने चरमोत्कर्ष पर होता है।




