विस्तृत उत्तर
माँ मातंगी के विभिन्न स्वरूपों की साधना के लिए उचित काल इस प्रकार है:
— उच्छिष्ट मातंगी: सोमवार का दिन, रात्रि 9 बजे के बाद।
— राज मातंगी: रात्रि 10 बजे के बाद या ब्रह्म मुहूर्त में।
— सामान्य मातंगी साधना: रात्रि 9 बजे के बाद।
— कर्ण मातंगी: दक्षिण दिशा की ओर मुख करके, घी या तेल का दीपक जलाकर।




