विस्तृत उत्तर
यदि किसी अपरिहार्य कारणवश प्रातःकाल का विशिष्ट समय उपलब्ध न हो, या कोई अन्य ज्योतिषीय दोष उत्पन्न हो रहा हो, तो 'अभिजित मुहूर्त' (मध्याह्न काल) में घटस्थापना की जा सकती है, जो कि एक अत्यंत शुभ और दोष-निवारक विकल्प है।
वर्ष २०२६ में १९ मार्च के लिए अभिजित मुहूर्त: दोपहर १२:०५ बजे से दोपहर १२:५३ बजे तक।





