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मंत्र और स्तोत्र प्रश्नोत्तर — 25 प्रश्न

मंत्र और स्तोत्र से जुड़े 25 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 25 प्रश्न

तुलसी गायत्री मंत्र क्या है?

तुलसी गायत्री मंत्र: 'ॐ श्री तुलस्यै विद्महे विष्णुप्रियायै धीमहि तन्नो वृन्दा प्रचोदयात्।' अर्थ: तुलसी को जानें, विष्णुप्रिया का ध्यान करें, हे वृंदा हमें प्रेरणा दें। यथाशक्ति जप से वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है।

तुलसी गायत्री मंत्रविष्णुप्रियावृंदा
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तुलसी अष्टनाम स्तोत्र क्या है?

तुलसी अष्टनाम स्तोत्र (पद्म पुराण): वृन्दा, वृन्दावनी, विश्वपूजिता, विश्वपावनी, पुष्पसारा, नन्दिनी, तुलसी और कृष्णजीवनी — ये आठ नाम। इन नामों का अर्थ सहित पाठ = अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य।

तुलसी अष्टनाम स्तोत्रपद्म पुराणआठ नाम
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तुलसी विवाह में कौन सा मंत्र जपते हैं?

तुलसी विवाह मंत्र: शालिग्राम के लिए = 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' और 'ॐ श्री शालिग्रामाय नमः'। तुलसी के लिए = 'ॐ तुलस्यै नमः'। तुलसी गायत्री: 'ॐ श्री तुलस्यै विद्महे विष्णुप्रियायै धीमहि...'

तुलसी विवाह मंत्रॐ नमो भगवतेतुलस्यै नमः
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भगवान विष्णु को जगाने का मंत्र क्या है?

जाग्रत मंत्र: 'उत्तिष्ठोत्तिष्ठ गोविन्द त्यज निद्रां जगत्पते। त्वयि सुप्ते जगन्नाथ जगत्सुप्तमिदं भवेत्...' अर्थ: हे गोविंद! जागें — आपके सोने पर सारा जगत सुप्त हो जाता है। इस मंत्र से चातुर्मास समाप्त और मांगलिक कार्य शुरू।

विष्णु जागरण मंत्रउत्तिष्ठ गोविंददेवउठनी
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कालभैरव की पूजा का मंत्र और स्तोत्र (कालभैरव अष्टकम) क्या है?

पूजा में आदि शंकराचार्य जी का 'कालभैरव अष्टकम' पढ़ना सबसे उत्तम है। मंत्र जाप के लिए "ॐ कालभैरवाय नमः" या विपत्ति दूर करने के लिए "ॐ ह्रीं बं बटुकाय..." का जाप करना चाहिए।

कालभैरव अष्टकमबटुक भैरव मंत्रभैरव गायत्री
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दुर्गाष्टमी पर 'सिद्ध कुंजिका स्तोत्र' पढ़ने का क्या महत्व है?

रुद्रयामल तंत्र के अनुसार, समय न होने पर केवल 'सिद्ध कुंजिका स्तोत्र' पढ़ लेने से ही पूरी 'दुर्गा सप्तशती' (13 अध्याय) पढ़ने का फल मिल जाता है। यह बहुत ही गुप्त और शक्तिशाली पाठ है।

सिद्ध कुंजिका स्तोत्ररुद्रयामल तंत्रदुर्गा सप्तशती
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दुर्गाष्टमी पूजा में नर्वाण मंत्र (ॐ ऐं ह्रीं क्लीं) जपने का क्या विधान है?

दुर्गाष्टमी पर 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' (नर्वाण मंत्र) की कम से कम एक माला (108 बार) जाप करनी चाहिए। इसमें सरस्वती, लक्ष्मी और काली माता के बीज मंत्र शामिल हैं।

नर्वाण मंत्रबीज मंत्रशक्ति साधना
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सत्यनारायण भगवान का ध्यान मंत्र क्या है?

ध्यान मंत्र है: "ध्यायेत् सत्यं गुणातीतं गुणत्रय-समन्वितम्... नीलवर्णं पीतवस्त्रं..." (अर्थात जो सत्य स्वरूप हैं, तीनों गुणों से परे हैं, नीले रंग और पीले वस्त्रों वाले हैं, उनका मैं ध्यान करता हूँ)।

ध्यान मंत्रस्कंद पुराणभगवान का स्वरूप
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शनि देव की पूजा में कौन से मंत्र और स्तोत्र पढ़ने चाहिए?

शनि देव का मूल मंत्र "ॐ शं शनैश्चराय नमः" है। साढ़ेसाती से बचने के लिए 'दशरथ कृत शनि स्तोत्र' और संकटों से बचने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ भी करना चाहिए।

शनि मंत्रदशरथ स्तोत्रवैदिक मंत्र
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क्या गृहस्थ लोग काली माता का बीज मंत्र जप सकते हैं?

बिना गुरु से दीक्षा लिए गृहस्थ लोगों को 'क्रीं' बीज मंत्र का ज्यादा जाप नहीं करना चाहिए। इसकी ऊर्जा बहुत उग्र होती है। आम लोगों को सिर्फ नाम-जाप या चालीसा पढ़नी चाहिए।

बीज मंत्रक्रींगृहस्थ नियम
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शनिवार काली पूजा का मंत्र क्या है?

माता के लिए "ॐ क्रीं काल्यै नमः" और शनि शांति के लिए "ॐ शं शनैश्चराय नमः" का जाप करें। साथ ही 'आद्या स्तोत्र' या काली चालीसा पढ़ना सबसे उत्तम है।

पूजा मंत्रआद्या स्तोत्रशनि मंत्र
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शनिवार व्रत के मंत्र कौन से हैं?

शनि देव को प्रसन्न करने के लिए 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' या 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए।

शनि मंत्रदशरथ कृत स्तोत्रबीज मंत्र
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वैभव लक्ष्मी व्रत के मंत्र कौन से हैं?

प्रमुख मंत्र है: 'या रक्ताम्बुज वासिनी विलासिनी चन्डांशु तेजस्विनी... सा मां पातु मनोरमा भगवती लक्ष्मी पद्मावती'। साथ ही श्री सूक्तम का पाठ भी किया जाता है।

लक्ष्मी मंत्रवैभव लक्ष्मी स्तवन
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गुरुवार व्रत के मंत्र कौन से हैं?

बृहस्पति देव के लिए 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः' और भगवान विष्णु के लिए 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए।

बीज मंत्रगायत्री मंत्रविष्णु मंत्र
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बुधवार व्रत के मंत्र कौन से हैं?

बुध देव के लिए 'ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः' और गणेश जी के लिए 'ॐ गं गणपतये नमः' का जाप करें। साथ ही 'संकटनाशन गणेश स्तोत्र' का पाठ भी करना चाहिए।

बीज मंत्रसंकटनाशन स्तोत्रगणपति अथर्वशीर्ष
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शिवलिंग पर जल या दूध चढ़ाते समय कौन सा मंत्र बोलना चाहिए?

शिवलिंग पर जल या दूध चढ़ाते समय मुख्य रूप से यजुर्वेद के रुद्राष्टाध्यायी के मंत्रों या फिर शिव पंचाक्षरी मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करना चाहिए।

अभिषेक मंत्रपंचाक्षरी मंत्ररुद्राभिषेक
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मंगलवार व्रत में हनुमान जी के कौन से मंत्र का जाप करना चाहिए?

संकटों से बचने के लिए 'ॐ ऐं भ्रीम हनुमते, श्री राम दूताय नमः' और शत्रु व ऊपरी बाधा के लिए 'ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्' मंत्र का जाप करना चाहिए।

बीज मंत्रद्वादशाक्षर मंत्रमंगल मंत्र
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कुक्कुटेश्वर शिवलिंग की शास्त्रसम्मत पूजन विधि और ध्यान मंत्र क्या है?

ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद न्यास और 'ॐ ध्यायेन्नित्यं महेशं...' मंत्र से ध्यान किया जाता है। फिर पंचामृत और काले तिल मिश्रित जल से अभिषेक कर 'ॐ नमः शिवाय' का जाप और बिल्वपत्र अर्पण का विधान है।

पूजन विधिशिव ध्यान मंत्रअभिषेक विधान
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पिंगलेश्वर शिवलिंग की पूजा में किन मंत्रों का जाप करना चाहिए?

सुषुम्ना नाड़ी जाग्रत करने के लिए 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करना चाहिए। इसके अलावा 'काशी विश्वनाथ ध्यान मंत्र' और 'लिंगाष्टकम' का पाठ जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट करता है।

ॐ नमः शिवायकाशी विश्वनाथ ध्यान मंत्रलिंगाष्टकम
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नंदीशेनेश्वर शिवलिंग की पूजा में कौन से मंत्र का जाप करना चाहिए?

मुख्य रूप से 'ॐ नमः शिवाय' का 108 बार जाप करना चाहिए। शिवगणों की कृपा के लिए 'नंदीश्वर अष्टोत्तर शतनाम' और आदि शंकराचार्य रचित 'लिंगाष्टकम' का पाठ अत्यंत फलदायी है।

शिव पंचाक्षरी मंत्रनंदीश्वर अष्टोत्तर शतनाममहामृत्युंजय मंत्र
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नंदीशेनेश्वर शिवलिंग की शास्त्रसम्मत पूजा विधि क्या है?

यहाँ षोडशोपचार पद्धति से पूजा होती है। भस्म धारण कर पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से अभिषेक किया जाता है, जिसके बाद श्वेत चंदन, त्रिगुणाकार बिल्वपत्र और श्वेत पुष्प अर्पित किए जाते हैं।

षोडशोपचार पूजनपंचामृत अभिषेकबिल्वपत्र
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चंद्र-दोष निवारण और मानसिक शांति के लिए सोमानंदीश्वर लिंग की शास्त्रसम्मत पूजन-विधि और मंत्र क्या हैं?

यहाँ कच्चे दूध से अभिषेक कर श्वेत चंदन का लेप किया जाता है। चंद्र-दोष निवारण हेतु चंद्र बीज मंत्र (ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्राय नमः) और मानसिक शांति हेतु 'ॐ नमः शिवाय' का जप व ध्यान अनिवार्य है।

चंद्र दोष निवारण मंत्रपूजन विधिशिव पंचाक्षर मंत्र
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महोदरेश्वर गुप्त शिवलिंग की शास्त्रसम्मत पूजन-विधि और ध्यान मंत्र क्या हैं?

पूजा एकांत और आडंबर-रहित होनी चाहिए। सात्त्विक (ध्यायेन्नित्यं महेशं...) और अघोर ध्यान मंत्र (अघोरेभ्यो नमो नित्यं...) के पश्चात पञ्चामृत स्नान, भस्म-लेपन और ॐ नमः शिवाय का मानसिक जाप करना चाहिए।

महोदरेश्वर पूजन विधिशिव ध्यान मंत्रअघोर मंत्र
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महाकालेश्वर शिवलिंग के पूजन, अभिषेक और ध्यान के लिए किन वैदिक और तांत्रिक मंत्रों का प्रयोग करना चाहिए?

पूजा के लिए स्कंद पुराण का 'ॐ हूँ विश्वमूर्तये नमः', अकाल मृत्यु भय नाशक महाकालेश्वर गायत्री (ॐ महाकालेश्वराय विद्महे...), अघोर ध्यान मंत्र और शुद्धि के लिए आत्मतत्त्व शोधन मंत्र का प्रयोग करना शास्त्रसम्मत है।

वैदिक मंत्रतांत्रिक मंत्रमहाकालेश्वर गायत्री
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मंत्र और स्तोत्र — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर मंत्र और स्तोत्र श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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मंत्र और स्तोत्र को गहराई से समझने का तरीका

मंत्र और स्तोत्र प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

25 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

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