विस्तृत उत्तर
मासिक दुर्गाष्टमी पर संपूर्ण 'दुर्गा सप्तशती' का पाठ सर्वश्रेष्ठ है। यदि समय का अभाव हो, तो 'सिद्ध कुंजिका स्तोत्र' का पाठ करना चाहिए। 'रुद्रयामल तंत्र' के 'गौरी तंत्र' भाग में भगवान शिव ने पार्वती जी से कहा है कि यह अत्यंत गुप्त और शक्तिशाली स्तोत्र है: "कुंजिकापाठमात्रेण दुर्गापाठफलं लभेत्॥" अर्थात् केवल सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के पाठ मात्र से ही दुर्गा सप्तशती के संपूर्ण पाठ का फल प्राप्त हो जाता है। इसमें कवच, अर्गला, कीलक या न्यास की आवश्यकता नहीं होती।


