विस्तृत उत्तर
दुर्गा सप्तशती, जिसे देवी माहात्म्य भी कहा जाता है, उसके प्रथम चरित्र में मधु कैटभ कथा आती है। यह कथा मार्कण्डेय पुराण के अंतर्गत वर्णित है और देवी महिमा के आरंभिक प्रसंगों में से एक है। इसमें ब्रह्मा जी भगवान विष्णु की योगनिद्रा रूपी देवी की स्तुति करते हैं, क्योंकि मधु और कैटभ ने सृष्टि के ज्ञान को संकट में डाल दिया था। देवी प्रसन्न होकर विष्णु को जगाती हैं और फिर उन्हीं की माया से असुरों का वध संभव होता है। इसलिए यह प्रसंग देवी की योगनिद्रा, महामाया और सृष्टि-रक्षा शक्ति को समझाने वाला माना जाता है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
