विस्तृत उत्तर
महर्लोक में अष्टसिद्धियाँ अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ब्रह्माण्ड पुराण में महर्लोक के निवासियों के पाँच आध्यात्मिक ऐश्वर्यों में ऐश्वर्य (Aishvarya) का विशेष उल्लेख है — अणिमा, महिमा, गरिमा आदि अष्ट-सिद्धियों से युक्त असीम दैवीय क्षमताएँ। यह केवल उन महान सिद्धों, प्रजापतियों, मुनियों और उच्चतर योगियों का सुरक्षित निवास है जो अपनी तपोबल से प्राप्त अणिमा-गरिमा आदि अष्ट-सिद्धियों के प्रभाव से ब्रह्माण्ड के किसी भी लोक में मन की गति से विचरण करने की क्षमता रखते हैं। अष्टसिद्धियाँ ही वह माध्यम हैं जिनके द्वारा महर्लोक के ऋषि नैमित्तिक प्रलय के समय महर्लोक से जनलोक तक तुरंत जा सकते हैं और ब्रह्मा की नई सृष्टि पर तुरंत लौट सकते हैं। इसके अतिरिक्त योग के माध्यम से प्राप्त सिद्धियाँ ही महर्लोक में पहुँचने का एक मार्ग हैं।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





