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योगी प्रश्नोत्तरी — 23 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित योगी विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 23 प्रश्न

लोक

महर्लोक में अष्टसिद्धियों की क्या भूमिका है?

महर्लोक के निवासियों के पास अणिमा, महिमा आदि अष्टसिद्धियाँ हैं जिनसे वे ब्रह्मांड के किसी भी लोक में मन की गति से जा सकते हैं। प्रलय में ये सिद्धियाँ ही उन्हें जनलोक भेजती हैं।

अष्टसिद्धिमहर्लोकअणिमा
श्रीमद्भागवत

भीष्म पितामह ने उत्तरायण में प्राण क्यों छोड़े?

उत्तरायण वह समय बताया गया है जिसे भगवत्परायण योगी चाहते हैं; उसी समय भीष्म ने मन कृष्ण में लगाकर प्राण त्यागे।

भीष्म उत्तरायणप्राण त्यागयोगी
योगी की शक्तियाँ

योगी देवताओं, ग्रहों और भुवनों को कैसे देखता है?

योगी देवताओं के बिम्ब, विमानों, ग्रहों, नक्षत्रों, तारों, भुवनों और पातालस्थ पदार्थों को समाधि से देख सकता है।

योगीदेव दर्शनग्रह
योगी की शक्तियाँ

योगी ब्रह्मा से स्थावर तक संसार को कैसे देखता है?

योगी के लिये ब्रह्मा से स्थावर तक समग्र संसार हस्तामलक के समान स्पष्ट हो जाता है।

योगीब्रह्मा से स्थावरहस्तामलक
योगी की शक्तियाँ

योगी को पशु-पक्षियों की ध्वनि कैसे समझ आती है?

योगी में सिद्धियों और सतत अभ्यास से ऐसे विज्ञान उत्पन्न होते हैं कि उसे पशु और पक्षियों की ध्वनियों का ज्ञान हो जाता है।

योगीपशु ध्वनिपक्षी ध्वनि
योगी की शक्तियाँ

सिद्धियाँ न छोड़ने वाला योगी क्या कर सकता है?

जो योगी लोककल्याण या लीला के लिए सिद्धियाँ नहीं छोड़ता, वह आकाश में क्रीड़ा, वेदार्थ वचन, काव्यरचना और पशु-पक्षी ध्वनि का ज्ञान कर सकता है।

योगीसिद्धियाँलीला
औपसर्गिक ऐश्वर्य

योगी अपने शरीर में ब्रह्मलोक तक कैसे देखता है?

योगजनित धर्मरूप संसर्ग से योगी ब्रह्मलोक तक जो कुछ है, उसे अपने शरीर में स्थित देखता है।

योगीब्रह्मलोकदेह में जगत
उपसर्ग और सिद्धियाँ

अणिमा आदि सिद्धियाँ कब मिलती हैं?

प्रतिभा आदि स्वल्प सिद्धियों के आकर्षण से मुक्त मुनि को अणिमा आदि सिद्धियाँ अभिलषित सिद्धि देती हैं।

अणिमासिद्धिस्वल्प सिद्धि
योग अभ्यास

योगी को पाप, विषय और काम-क्रोध कैसे दूर करने चाहिए?

योगी को प्राणायाम से दोष, धारणा से पाप, प्रत्याहार से विषय, ध्यान से अनीश्वर गुण और समाधि से बुद्धि की वृद्धि करनी चाहिए।

योगीपाप दहनप्रत्याहार
शिष्य परम्परा

भस्म-विभूषित योगी कौन थे?

योगाचार्यों के महात्मा शिष्य भस्म-विभूषित शरीर वाले बताए गए हैं।

भस्म-विभूषितयोगीयोगाचार्य शिष्य
माहेश्वर योग

बड़े योगी भी स्वर्ग और नरक में क्यों जाते हैं?

बड़े योगी भी नानाविध कर्म करके अपने कर्मानुसार स्वर्ग और नरक में जाते हैं।

योगीकर्मस्वर्ग
श्रीमद्भागवत

शुकदेव जी कौन थे?

शुकदेवजी व्यासजी के पुत्र, महान योगी, समदर्शी, भेदभावरहित और परमात्मा में स्थित मुनि बताए गए हैं।

शुकदेवव्यास पुत्रयोगी
श्रीमद्भागवत

विराट पुरुष रूप कैसा है?

विराट पुरुष रूप में समस्त लोकों की कल्पना है; योगी उसे हजारों पैर, भुजा, मुख, सिर, कान, आँख और आभूषणों से युक्त देखते हैं।

विराट पुरुषपुरुष रूपनारायण
लोक

अव्यक्त अस्त्र योगियों के लिए मित्र क्यों है?

क्योंकि यह योगियों के लिए मोक्ष का प्रतीक है।

अव्यक्त अस्त्रयोगीमोक्ष
लोक

विष्णु पुराण में योगी भोजन का फल क्या है?

हजार ब्राह्मण भोजन जैसा पुण्य।

विष्णु पुराणयोगीश्राद्ध भोज
लोक

अग्निष्वात्त पितर कौन हैं?

योगी और तपस्वी पितरों की अमूर्त श्रेणी अग्निष्वात्त है।

अग्निष्वात्तअमूर्त पितरयोगी
श्राद्ध दर्शन

श्राद्ध में हव्य-कव्य किसे देना चाहिए?

श्राद्ध में हव्य-कव्य का दान भगवान के भक्तों, ज्ञाननिष्ठ ब्राह्मणों या योगियों को ही देना चाहिए। हव्य का अर्थ है देवताओं को अर्पित और कव्य का अर्थ है पितरों को अर्पित पदार्थ। साधारण लोगों को नहीं, बल्कि वास्तव में आध्यात्मिक रूप से सक्षम व्यक्तियों को ही दान मिलना चाहिए।

हव्य कव्य दानभगवान के भक्तज्ञाननिष्ठ ब्राह्मण
लोक

यमपुरी का पूर्व द्वार किन योगियों के लिए है?

पूर्व द्वार सिद्ध योगियों, ऋषियों, ज्ञानियों और संबुद्ध आत्माओं के लिए है, जिनका पुष्पवर्षा से स्वागत होता है।

यमपुरी पूर्व द्वारयोगीऋषि
लोक

जनलोक तक कौन पहुँच सकता है?

जनलोक निष्काम योगियों, सिद्धों, सन्यासियों और नैष्ठिक ब्रह्मचारियों को प्राप्त होता है।

जनलोक प्राप्तियोगीसिद्ध
लोक

तपोलोक को तपस्या का लोक क्यों कहा जाता है?

क्योंकि यह निष्काम तपस्वियों, सिद्ध योगियों और वैराज देवगणों का नित्य निवास स्थान है।

तपोलोकतपस्यातपस्वी
लोक

तपोलोक में कौन निवास करता है?

तपोलोक में वैराज देवगण, सिद्ध तपस्वी, महान मुनि और योगी निवास करते हैं।

तपोलोक निवासीवैराज देवगणतपस्वी
लोक

संकर्षण की अग्नि और सत्यलोक का क्या संबंध है?

संकर्षण की अग्नि नैमित्तिक प्रलय में त्रैलोक्य को जलाती है और महर्लोक तक पहुँचती है — पर सत्यलोक इससे पूर्णतः सुरक्षित रहता है। योगी इस समय सत्यलोक में शरण लेते हैं।

संकर्षणअग्निसत्यलोक
रामचरितमानस — बालकाण्ड

कामदहन के बाद जगत में क्या प्रभाव पड़ा?

चार प्रभाव — (1) देवता डर गये (शिवपुत्र बिना तारकासुर नहीं मरेगा), (2) असुर सुखी हुए, (3) भोगी चिन्तित हुए कामसुख याद कर, (4) साधक-योगी निष्कंटक (काम-बाधा से मुक्त) हो गये।

बालकाण्डकामदहन प्रभावदेवता

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।