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विष्णु भक्ति

विष्णु पूजा, श्री कृष्ण, श्री राम, हनुमान जी — वैष्णव उपासना के सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर।

74प्रश्नोत्तर
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नरसिंह मंत्र का जप शत्रु निवारण के लिए कैसे करें?

'ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं...' / 'ॐ क्ष्रौं नृसिंहाय नमः'। मंगलवार/शनिवार, संध्या, 108/1008। शत्रु भय, कोर्ट विजय, अभय। हिरण्यकशिपु वध = अत्याचार नाश।

विष्णु मंत्रनरसिंहशत्रु
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वैकुंठ एकादशी का महत्व क्या है?

वैकुंठ एकादशी मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी को आती है और सभी एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ मानी गई है। इस दिन वैकुंठ के द्वार खुलते हैं, पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष का मार्ग प्राप्त होता है। व्रत, विष्णु सहस्रनाम पाठ और रात्रि जागरण इस दिन विशेष फलदायी है।

विष्णु उपासनावैकुंठ एकादशीएकादशी महत्व
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विष्णु जी का आनंद तांडव कौन सा है?

भगवान विष्णु का नृत्य सर्वाधिक मोहिनी अवतार से जुड़ा है — समुद्र मंथन के बाद मोहिनी रूप में उनका मनमोहक नृत्य प्रसिद्ध है, जिससे 'मोहिनी अट्टम' नृत्य-शैली प्रेरित है। 'आनंद तांडव' मूलतः शिव के नटराज स्वरूप से जुड़ा है — विष्णु जी के लिए यह पद शास्त्रों में उतना प्रचलित नहीं है।

विष्णु उपासनाविष्णु आनंद तांडवविष्णु नृत्य
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लक्ष्मी नरसिंह स्तोत्र का पाठ कब करें?

संकट काल (शत्रु/रोग/कोर्ट)। नरसिंह जयंती। प्रतिदिन/शनिवार। शंकराचार्य: 'करावलम्ब' = 'हाथ पकड़ो!'। अभय + शत्रु नाश + धन (लक्ष्मी + नरसिंह)।

विष्णु स्तोत्रलक्ष्मी नरसिंहस्तोत्र
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सुदर्शन मंत्र का जप सुरक्षा के लिए कैसे करें?

'ॐ सुदर्शनाय विद्महे महाज्वालाय धीमहि तन्नो चक्रः प्रचोदयात्'। सरल: 'ॐ नमो भगवते सुदर्शनाय नमः' 108। तुलसी माला, बुधवार/गुरुवार। शत्रु से बचाव। दक्षिण भारत में सुदर्शन होम प्रचलित। बिना दीक्षा सरल जप मान्य।

विष्णु भक्तिसुदर्शनचक्र
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नारायण कवच का पाठ करने की विधि क्या है?

श्रीमद्भागवत (स्कंध 6, अध्याय 8): विश्वरूप→इंद्र। विष्णु के विभिन्न रूपों से प्रत्येक अंग/दिशा रक्षा। प्रातः, शुद्ध उच्चारण, एकादशी/गुरुवार। इंद्र ने इससे दैत्य जीते। बिना दीक्षा सभी पढ़ सकते।

विष्णु भक्तिनारायण कवचश्रीमद्भागवत
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मारुति स्तोत्र का पाठ भय निवारण के लिए कैसे करें?

मारुति स्तोत्र (रामदास) + चालीसा + बजरंग बाण। मंगलवार/शनिवार, सिंदूर+सरसों। रात भय: बजरंग बाण/चालीसा। शत्रु: नरसिंह+हनुमान। अकारण: 'ॐ हं हनुमते नमः' 108।

हनुमानमारुतिस्तोत्र
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विष्णु जी के वाहन का नाम क्या है?

भगवान विष्णु का वाहन 'गरुड़' है — पक्षियों के राजा, विनता और कश्यप ऋषि के पुत्र। गरुड़ की भक्ति और शक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें अपना वाहन बनाया। इसीलिए विष्णु को 'गरुड़वाहन' और 'गरुड़ध्वज' भी कहते हैं।

विष्णु उपासनागरुड़ वाहनविष्णु वाहन
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अशोक वाटिका में सीता जी के पास कौन था?

अशोक वाटिका में सीता जी की सबसे प्रमुख और सच्ची साथी त्रिजटा थीं, जो विभीषण की पुत्री और रामभक्त थीं। अन्य राक्षसियाँ सीता को प्रताड़ित करती थीं, पर त्रिजटा ने उन्हें हमेशा धैर्य और रामनाम से सहारा दिया।

रामायणअशोक वाटिकासीता
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विष्णु जी को तुलसी क्यों चढ़ाते हैं?

पुराणों के अनुसार भगवान विष्णु ने वृंदा (तुलसी के पूर्वजन्म) को वरदान दिया था कि वे बिना तुलसी के कोई भोग स्वीकार नहीं करेंगे। वृंदा के पतिव्रत-बल से तुलसी का जन्म हुआ और विष्णु जी ने उसे लक्ष्मी के समान 'विष्णुप्रिया' कहा। इसीलिए विष्णु पूजा में तुलसी अनिवार्य है।

विष्णु उपासनातुलसी विष्णुविष्णुप्रिया
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कृष्ण नाम जप के लिए तुलसी माला क्यों प्रयोग करते हैं?

पद्म पुराण: तुलसी = वृन्दा, विष्णु को सर्वाधिक प्रिय। 'बिना तुलसी पूजा अपूर्ण।' शुद्धता, विशेष ऊर्जा, गौड़ीय: कंठी = शरणागति। स्कंद पुराण: 'तुलसी माला = मंत्र सिद्धि।' कृष्ण/विष्णु = तुलसी। शिव = रुद्राक्ष। गणेश = तुलसी वर्जित।

कृष्ण भक्तितुलसीमाला
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विष्णु जी की नाभि से ब्रह्मा क्यों प्रकट हुए?

जब सृष्टि से पहले सब जलमग्न था, तब शेषनाग पर विश्राम करते भगवान विष्णु की नाभि से एक दिव्य कमल प्रकट हुआ और उस पर ब्रह्माजी स्वयंभू प्रकट हुए। इसीलिए ब्रह्मा को 'पद्मयोनि' और 'नाभिज' कहते हैं। यह सृष्टि-रचना के क्रम में विष्णु की पालक-शक्ति से ब्रह्मा की सृजन-शक्ति का प्रादुर्भाव है।

विष्णु एवं वैष्णव परंपराब्रह्मा प्रकटविष्णु नाभि
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सुदर्शन चक्र किसने बनाया था?

शिव पुराण के अनुसार सुदर्शन चक्र भगवान शिव ने बनाया था। एक अन्य कथा में देवशिल्पी विश्वकर्मा ने सूर्य का तेज घटाकर बची धूल से पुष्पक विमान, त्रिशूल और सुदर्शन चक्र — तीन दिव्य वस्तुएं बनाईं।

विष्णु अस्त्र शस्त्रसुदर्शन चक्र निर्माणविश्वकर्मा
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विष्णु जी के शंख का नाम क्या है?

विष्णु जी के शंख का नाम 'पाञ्चजन्य' है। भागवत पुराण के अनुसार श्रीकृष्ण ने 'शंखासुर' दैत्य का वध करके यह शंख प्राप्त किया था। महाभारत के कुरुक्षेत्र युद्ध में इसी पाञ्चजन्य को बजाकर युद्धारंभ की घोषणा की गई थी।

विष्णु उपासनापांचजन्य शंखविष्णु शंख
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विष्णु जी को सुदर्शन चक्र कैसे मिला?

विष्णु ने कैलाश पर शिव के सहस्त्र नामों से पूजा की, एक कमल कम होने पर अपना नेत्र अर्पित किया। इस अटूट भक्ति से शिव प्रकट हुए और अजेय सुदर्शन चक्र भेंट किया।

विष्णु अस्त्र शस्त्रसुदर्शन चक्र प्राप्तिविष्णु शिव तपस्या
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विष्णु जी की सुदर्शन चक्र पूजा कैसे करें?

सुदर्शन चक्र पूजा में स्नान कर शुद्ध वस्त्र पहनें, विष्णु प्रतिमा पर पंचामृत अभिषेक करें, तुलसी दल, कमल व पीले फूल अर्पित करें, 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' और 'ॐ क्रीं सुदर्शनाय नमः' मंत्र जपें। गुरुवार को यह पूजा विशेष फलदायी होती है।

विष्णु एवं वैष्णव परंपरासुदर्शन चक्रविष्णु पूजा
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देवशयनी एकादशी पर विष्णु जी क्यों सोते हैं?

देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु राजा बलि को दिए वचन के कारण पाताल लोक में वास करते हैं — इसे ही उनकी योगनिद्रा कहते हैं। यह आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक चार महीने (चातुर्मास) चलता है। इस दौरान विवाह आदि मांगलिक कार्य नहीं होते।

विष्णु उपासनादेवशयनी एकादशीविष्णु शयन
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लक्ष्मण रेखा का असली रहस्य क्या है?

वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस के अरण्यकांड में लक्ष्मण रेखा का उल्लेख नहीं मिलता। यह परवर्ती रामायणों जैसे आनंदरामायण में आई और रामानंद सागर के धारावाहिक से लोकप्रिय हुई। तुलसीदास ने लंकाकांड में मंदोदरी के मुख से इसका अप्रत्यक्ष संकेत किया है।

रामायणलक्ष्मण रेखासीता हरण
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विष्णु जी के धनुष का नाम क्या है?

विष्णु जी के धनुष का नाम 'शार्ङ्ग' (शारंग) है। इसे विश्वकर्मा ने बनाया था। विष्णु → ऋचिक → परशुराम → राम → वरुण → कृष्ण — यह परंपरा चली।

विष्णु अस्त्र शस्त्रविष्णु धनुषशार्ङ्ग
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क्षीरसागर क्या है और कहाँ है?

क्षीरसागर 'दूध का सागर' है — पुराणों में वर्णित वह दिव्य महासागर जहाँ भगवान विष्णु शेषनाग-शैय्या पर देवी लक्ष्मी के साथ विश्राम करते हैं। यह ब्रह्मांड के केंद्र में स्थित अलौकिक स्थान है, कोई सामान्य भौतिक सागर नहीं।

विष्णु एवं वैष्णव परंपराक्षीरसागरविष्णु निवास
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हनुमान चालीसा का पाठ रात में करना चाहिए या नहीं?

हां — कभी भी। प्रातः सर्वोत्तम, रात मान्य (भय/संकट विशेष)। 'भूत पिशाच निकट नहिं आवै' — रात = रक्षा। कोई वर्जित नहीं। हनुमान = सदा जागृत, सबसे सुलभ।

हनुमानहनुमान चालीसारात
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शालिग्राम घर में रखने के नियम क्या हैं?

शालिग्राम को घर में ऊँचे पवित्र स्थान पर रखें, नित्य पूजा का संकल्प लें, दान या बिक्री न करें। अशुद्ध अवस्था में स्पर्श न करें। जितनी पूजा की क्षमता हो उतने ही रखें। शालिग्राम के साथ तुलसी का पौधा भी शुभ है।

विष्णु उपासनाशालिग्राम घरशालिग्राम नियम
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विष्णु जी को कौन सा भोग लगाते हैं?

विष्णु जी के भोग में तुलसी दल अनिवार्य है — उसके बिना भोग अधूरा है। मुख्य प्रिय भोग है खीर (गाय के दूध से बनी), सूजी का हलवा, पंचामृत, केला, पेड़े और श्रीफल। भोग सदा सात्विक, ताजा और तुलसी सहित अर्पित करें।

विष्णु उपासनाविष्णु भोगनैवेद्य
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सीता जी का जन्म कैसे हुआ?

वाल्मीकि रामायण के अनुसार राजा जनक के हल चलाते समय वैशाख शुक्ल नवमी को भूमि से एक कलश प्रकट हुआ जिसमें दिव्य कन्या थी। हल की नोक 'सीत' से स्पर्श होकर प्रकट होने से उनका नाम सीता पड़ा। वे भूमिजा, जानकी और मैथिली भी कहलाईं।

रामायणसीता जन्ममाता सीता
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सुदर्शन चक्र से शिशुपाल का वध क्यों किया?

राजसूय यज्ञ में शिशुपाल ने भरी सभा में कृष्ण का 101वीं बार अपमान किया। कृष्ण ने बुआ को दिया 100 अपराध क्षमा का वचन पूरा करने के बाद सुदर्शन चक्र से उसका वध किया।

विष्णु अस्त्र शस्त्रशिशुपाल वधसुदर्शन चक्र
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हरे कृष्ण मंत्र माला से करना जरूरी है या बिना माला भी कर सकते हैं?

दोनों। माला: तुलसी 108, 16 माला/दिन। बिना: कीर्तन/नाचते/गाते/चलते = चैतन्य। कहीं भी, कोई नियम नहीं। माला = अनुशासन, बिना = स्वतंत्र। दोनों = कृष्ण प्रिय।

कृष्ण भक्तिहरे कृष्णमाला
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सुदर्शन चक्र में कितनी आरियां होती हैं?

शिव पुराण के अनुसार सुदर्शन चक्र में 12 अरे और 9 नाभियाँ हैं। इन 12 अरों में बारह देव-शक्तियाँ, 12 राशियाँ और 12 मास समाहित हैं। कुछ ग्रंथों में 108 धाराओं का भी उल्लेख है।

विष्णु अस्त्र शस्त्रसुदर्शन चक्रबारह अरे
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विष्णु पुराण में कितने अध्याय हैं?

विष्णु पुराण में कुल 6 अंश (खण्ड) हैं। इसकी रचना महर्षि पराशर ने की है और इसमें लगभग 7,000 श्लोक उपलब्ध हैं। इसमें सृष्टि, ध्रुव-प्रह्लाद कथा, राजवंश, श्रीकृष्ण चरित्र और मोक्ष का वर्णन है। 18 पुराणों में आकार में सबसे छोटा पर महत्व में उच्च है।

विष्णु उपासनाविष्णु पुराणपुराण अध्याय
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क्षीरसागर क्या है और कहाँ है?

क्षीरसागर 'दूध का सागर' है — पुराणों में वर्णित वह दिव्य महासागर जहाँ भगवान विष्णु शेषनाग-शैय्या पर देवी लक्ष्मी के साथ विश्राम करते हैं। यह ब्रह्मांड के केंद्र में स्थित अलौकिक स्थान है, कोई सामान्य भौतिक सागर नहीं।

विष्णु एवं वैष्णव परंपराक्षीरसागरविष्णु निवास
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पांचजन्य शंख क्या है?

पांचजन्य विष्णु और कृष्ण का दिव्य शंख है। कृष्ण ने गुरु पुत्र को बचाने समुद्र में शंखासुर राक्षस का वध किया और उसके शरीर से बने शंख को पांचजन्य नाम दिया। महाभारत में इससे युद्ध घोषित किया।

विष्णु अस्त्र शस्त्रपांचजन्य शंखशंखासुर
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विश्वकर्मा ने सुदर्शन चक्र कैसे बनाया?

विश्वकर्मा ने अपनी पुत्री संजना की शिकायत पर सूर्य का तेज घटाया। उस तेज से निकली दिव्य धूल से पुष्पक विमान, शिव का त्रिशूल और विष्णु का सुदर्शन चक्र — ये तीन दिव्य वस्तुएं बनाईं।

विष्णु अस्त्र शस्त्रविश्वकर्मासुदर्शन चक्र निर्माण
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हनुमान मंत्र ॐ हनुमते नमः का जप कैसे करें?

मंगलवार/शनिवार, लाल वस्त्र, रुद्राक्ष/लाल चंदन माला, सिंदूर, सरसों दीपक, 108 नित्य। 21 मंगलवार × 11 माला = शक्तिशाली। भय/शत्रु/शनि-मंगल शांति/कोर्ट विजय। बिना दीक्षा सभी। + हनुमान चालीसा।

हनुमानॐ हनुमते नमःहनुमान
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शार्ङ्ग धनुष क्या है?

शार्ङ्ग विष्णु का दिव्य धनुष है जिसे विश्वकर्मा ने बनाया था। विष्णु के विभिन्न अवतारों के माध्यम से यह ऋचिक → परशुराम → राम → वरुण → कृष्ण तक पहुँचा।

विष्णु अस्त्र शस्त्रशार्ङ्ग धनुषसारंग
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गोपाल मंत्र का जप कृष्ण भक्ति के लिए कैसे करें?

गोपाल तापनी: 'क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा'। द्वादशाक्षर: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय'। तुलसी माला, माखन-मिश्री, एकादशी/जन्माष्टमी। संतान गोपाल = संतान हेतु। कृष्ण = गो (ज्ञान) + पाल (रक्षक)।

कृष्ण भक्तिगोपालकृष्ण
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विष्णु जी और शेषनाग का क्या संबंध है?

शेषनाग भगवान विष्णु के परम भक्त और शय्या हैं। वे क्षीरसागर में अपने सहस्र फणों से आसन बनाते हैं जिस पर विष्णु जी योगनिद्रा में विराजते हैं। वे पृथ्वी को धारण करते हैं और रामावतार में लक्ष्मण, कृष्णावतार में बलराम के रूप में अवतरित हुए।

विष्णु उपासनाशेषनाग विष्णुक्षीरसागर शयन
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राम मंत्र ॐ रामाय नमः का जप कैसे करें?

'ॐ रामाय नमः' = षडक्षर। तुलसी माला, 108 नित्य। बिना दीक्षा सभी। 'रा'=पाप दहन, 'म'=कल्याण। तुलसीदास: 'राम से बड़ा राम का नाम।' सवा लाख = सिद्ध। फल: सर्व पाप नाश, शांति, मोक्ष।

राम भक्तिॐ रामाय नमःषडक्षर
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कौमोदकी गदा क्या है?

कौमोदकी विष्णु की दिव्य गदा है। यह भयंकर गर्जना करती है और पर्वत तक चूर कर देती है। महाभारत में अग्निदेव ने खांडव-दहन के बदले यह कृष्ण को दी। यह शक्ति और अधर्म-दमन का प्रतीक है।

विष्णु अस्त्र शस्त्रकौमोदकी गदाविष्णु
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कुंभकर्ण छह महीने क्यों सोता था?

कुंभकर्ण ने तपस्या से ब्रह्माजी को प्रसन्न किया और 'इंद्रासन' माँगना चाहा। पर देवताओं की प्रार्थना पर सरस्वती उसकी जिह्वा पर विराजी, जिससे मुख से 'निद्रासन' निकला। ब्रह्माजी ने तथास्तु कहा और वह छह-छह महीने सोने लगा।

रामायणकुंभकर्णब्रह्मा वरदान
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राम नाम का 13 करोड़ जप कैसे पूरा करें?

दीर्घकालिक। ~330 वर्ष (10 माला/दिन)। कैसे: राम नाम लेखन (1 लिखना=1 जप), सामूहिक (राम नाम बैंक), जीवनभर 10-50 माला, अजपा (श्वास='राम')। तुलसीदास = लेखन। कलियुग = राम नाम।

राम भक्तिराम नाम13 करोड़
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हनुमान चालीसा का १०८ बार पाठ करने के क्या लाभ हैं

लगातार १०८ बार पाठ करने से हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन के जटिल संकट दूर होते हैं।

हनुमानहनुमान चालीसाअनुष्ठान
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संतान प्राप्ति के लिए संतान गोपाल मंत्र का जप कैसे करें

संतान सुख के लिए 'संतान गोपाल मंत्र' का सवा लाख जप और हरिवंश पुराण का पाठ करना अत्यंत फलदायी है।

श्री कृष्णसंतानगोपाल मंत्र
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नौकरी प्राप्ति के लिए हनुमान जी का सबसे प्रभावशाली मंत्र कौन सा है

नौकरी के लिए 'ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्' मंत्र और पीपल के पत्तों पर राम लिखकर हनुमान जी को अर्पित करना श्रेष्ठ है।

हनुमाननौकरीहनुमान मंत्र
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रामायण किसने लिखी?

वाल्मीकि रामायण महर्षि वाल्मीकि द्वारा संस्कृत में रचित है — 24,000 श्लोक, 7 कांड। यह 'आदिकाव्य' है। रामचरितमानस गोस्वामी तुलसीदास द्वारा अवधी में 16वीं शताब्दी में रचित है — उत्तर भारत में सर्वाधिक प्रचलित। 'रामो विग्रहवान् धर्मः' — राम धर्म का मूर्त स्वरूप हैं।

रामायण परिचयरामायणवाल्मीकि
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शालिग्राम शिला की पूजा कैसे करें?

शालिग्राम की पूजा में प्रातः स्नान के बाद गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक करें, तुलसी दल अर्पित करें (यह अनिवार्य है), चंदन, पुष्प, धूप-दीप और खीर का भोग लगाएं। 'ॐ नमो नारायणाय' का जाप करें। शालिग्राम को ऊँचे स्थान पर रखें और नित्य पूजा का संकल्प रखें।

विष्णु उपासनाशालिग्राम पूजाशालिग्राम विधि
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शिव जी ने सुदर्शन चक्र विष्णु को क्यों दिया?

दैत्यों के अत्याचार से देवता विवश हो गए। विष्णु ने कैलाश पर शिव की तपस्या की और एक कमल की कमी पर अपना नेत्र अर्पित किया। इस अटूट भक्ति से प्रसन्न शिव ने दैत्य-संहार के लिए विष्णु को सुदर्शन चक्र भेंट किया।

विष्णु अस्त्र शस्त्रसुदर्शन चक्रशिव विष्णु
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विष्णु सहस्रनाम कितने दिन करने से मनोकामना पूर्ति होती है?

40 दिन (सामान्य), 108 (विशेष), 1 वर्ष (गहन), जीवनभर (सर्वोत्तम)। ~30-45 मिनट, प्रातः/संध्या। महाभारत: 'नित्य = कभी अशुभ नहीं।'

विष्णु भक्तिविष्णु सहस्रनामदिन
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विष्णु जी के पास कौन-कौन से अस्त्र-शस्त्र हैं?

विष्णु के प्रमुख अस्त्र-शस्त्र हैं — सुदर्शन चक्र, कौमोदकी गदा, शार्ङ्ग धनुष, नंदक तलवार और पांचजन्य शंख। दिव्यास्त्रों में नारायणास्त्र और वैष्णवास्त्र भी प्रसिद्ध हैं।

विष्णु अस्त्र शस्त्रविष्णु अस्त्रसुदर्शन चक्र
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चातुर्मास में क्या नहीं करना चाहिए?

चातुर्मास में विवाह, यज्ञोपवीत, गृहप्रवेश, मुंडन, दीक्षा आदि सभी मांगलिक संस्कार वर्जित हैं। सावन में साग, भादों में दही, क्वार में दूध और कार्तिक में दाल का त्याग करने का विधान है। यह काल जप, भजन, कथा-श्रवण और तपस्या के लिए सर्वोत्तम है।

विष्णु उपासनाचातुर्मास नियमचातुर्मास निषेध
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नंदक तलवार क्या है विष्णु की?

नंदक (नंदकी) विष्णु की दिव्य तलवार (खड्ग) है। इसका अर्थ है आनंद देने वाली। यह ज्ञान और विवेक का प्रतीक है और अज्ञान के अंधकार को नष्ट करती है।

विष्णु अस्त्र शस्त्रनंदक तलवारविष्णु खड्ग
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सुदर्शन चक्र का क्या अर्थ है?

'सुदर्शन' = 'सु' (शुभ) + 'दर्शन' (दृष्टि)। अर्थ है — शुभ दृष्टि या मंगलमय साक्षात्कार। यह विष्णु की शुभ दृष्टि और न्याय की शाश्वत शक्ति का प्रतीक है।

विष्णु अस्त्र शस्त्रसुदर्शन अर्थसु दर्शन
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विष्णु जी के नीले रंग का क्या मतलब है?

विष्णु जी का नीला रंग उनकी सर्वव्यापकता का प्रतीक है — जैसे आकाश सर्वत्र है और परिभाषित नहीं, वैसे ही वे। वे क्षीरसागर में निवास करते हैं और 'नारायण' अर्थात जल में निवासी हैं। नीला रंग उनकी असीमता, शांति और परब्रह्म-स्वरूप को दर्शाता है।

विष्णु उपासनाविष्णु नीला रंगश्याम वर्ण
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सुदर्शन चक्र क्या है?

सुदर्शन चक्र विष्णु का गोलाकार, तेजोमय, धारदार और अचूक दिव्य अस्त्र है। यह निरंतर गतिशील रहता है, मन की गति से चलता है और लक्ष्य नष्ट करके वापस लौट आता है। इसके 12 अरे और 9 नाभियाँ हैं।

विष्णु अस्त्र शस्त्रसुदर्शन चक्रविष्णु
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विष्णु जी के 24 अवतारों के नाम क्या हैं?

भागवत पुराण में भगवान विष्णु के 24 अवतारों में प्रमुख हैं — सनकादि ऋषि, नारद, नर-नारायण, कपिल, दत्तात्रेय, मत्स्य, कूर्म, वाराह, नरसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध और कल्कि (अभी आना है)। इनमें से 10 दशावतार सर्वाधिक प्रसिद्ध हैं।

विष्णु उपासनाविष्णु अवतारचौबीस अवतार
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शिव ने विष्णु को सुदर्शन चक्र कब दिया?

शिव ने विष्णु को सुदर्शन चक्र सृष्टि के अत्यंत प्राचीन काल में दिया जब दैत्यों ने देवताओं को बंदी बना लिया था। युग का सटीक उल्लेख पुराणों में नहीं है, परंतु यह घटना सृष्टि के आदिकाल की मानी जाती है।

विष्णु अस्त्र शस्त्रसुदर्शन चक्रशिव विष्णु
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विष्णु जी की पूजा में क्या नहीं चढ़ाना चाहिए?

विष्णु पूजा में सफेद अक्षत (कच्चा चावल) नहीं चढ़ाते — चढ़ाना हो तो पीला रंगकर चढ़ाएं। सिरस, धतूरा, सेमल, अकौवा के फूल वर्जित हैं। बासी, जूठा या अशुद्ध भोग भी नहीं लगाना चाहिए। तामसिक भोजन और अन्य देवताओं की विशेष सामग्री भी न चढ़ाएं।

विष्णु उपासनाविष्णु पूजा निषेधपूजा नियम
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रामायण का रचना काल कब का है?

पौराणिक मान्यता के अनुसार वाल्मीकि रामायण त्रेतायुग की रचना है। आधुनिक विद्वान इसे लगभग 500 से 400 ईसा पूर्व मानते हैं, कुछ 1400 ईसापूर्व तक। वाल्मीकि आदिकवि और रामायण आदिकाव्य है जिसमें 24,000 श्लोक और 7 कांड हैं।

रामायणवाल्मीकि रामायणरचनाकाल
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कृष्ण जी के घर मथुरा या वृंदावन?

कृष्ण जी का जन्म मथुरा में हुआ, बचपन गोकुल में बीता और किशोरावस्था की लीलाएँ वृंदावन में हुईं। तीनों स्थान उनके 'घर' हैं। कंस वध के बाद वे मथुरा लौटे और बाद में द्वारका राजधानी बनाई।

कृष्ण लीलाकृष्ण जन्ममथुरा
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सुदर्शन चक्र से सती के शरीर को क्यों काटा गया?

दक्ष के यज्ञ में सती ने देह त्याग किया। शिव शव उठाकर तांडव करने लगे जिससे प्रलय का खतरा हुआ। सृष्टि बचाने के लिए विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के शव के 51 टुकड़े किए — जहाँ गिरे वहाँ शक्तिपीठ बने।

विष्णु अस्त्र शस्त्रसती शरीर51 शक्तिपीठ
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सुदर्शन चक्र सूर्य की किरणों से बना था क्या?

हाँ, एक कथा के अनुसार विश्वकर्मा ने सूर्य का तेज घटाते समय निकली दिव्य धूल से सुदर्शन चक्र बनाया था। इसीलिए यह करोड़ों सूर्यों के समान प्रभावान माना जाता है।

विष्णु अस्त्र शस्त्रसुदर्शन चक्रसूर्य तेज
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पंचमुखी हनुमान मंत्र का जप कैसे करें?

5 मुख: वानर(शक्ति), नरसिंह(अभय), गरुड़(विष नाश), वराह(समृद्धि), हयग्रीव(ज्ञान)। 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं हनुमते पंचवक्त्राय नमः'। मंगलवार/शनिवार, 108, सिंदूर+चमेली। 5 दिशा रक्षा।

हनुमानपंचमुखीहनुमान
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विष्णु भक्ति — प्रश्नोत्तर

विष्णु भक्ति से सम्बन्धित 74+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर यहाँ उपलब्ध हैं। सनातन धर्म के विद्वानों द्वारा दिए गए इन उत्तरों में वेद, पुराण, उपनिषद और शास्त्रों के प्रमाण दिए गए हैं। यदि आप विष्णु भक्ति के बारे में कोई भी प्रश्न खोज रहे हैं — चाहे विधि हो, नियम हो, सामग्री हो या लाभ — तो यहाँ आपको शास्त्रसम्मत उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर में स्रोत, विधि और व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया गया है।

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