विस्तृत उत्तर
पंचमुखी हनुमान = हनुमान का सर्वशक्तिमान 5 मुखी रूप:
5 मुख
- 1वानर (पूर्व) = हनुमान — शक्ति।
- 2नरसिंह (दक्षिण) = नरसिंह — अभय।
- 3गरुड़ (पश्चिम) = गरुड़ — विष/सर्प नाश।
- 4वराह (उत्तर) = वराह — समृद्धि।
- 5हयग्रीव (ऊर्ध्व) = हयग्रीव — ज्ञान।
मंत्र: 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं हनुमते पंचवक्त्राय नमः'
जप विधि
- ▸मंगलवार/शनिवार।
- ▸लाल/केसरिया वस्त्र, लाल आसन।
- ▸रुद्राक्ष/लाल चंदन माला — 108 बार।
- ▸हनुमान प्रतिमा (पंचमुखी) समक्ष।
- ▸सिंदूर + चमेली तेल दीपक।
- ▸अनुष्ठान: सवा लाख + हवन।
लाभ: सर्वबाधा निवारण, भूत-प्रेत, ग्रह दोष, शत्रु, रोग — 5 मुख = 5 दिशाओं से रक्षा।





