विस्तृत उत्तर
हां — हनुमान चालीसा रात में कर सकते हैं:
शुभ समय
- ▸प्रातः (सर्वोत्तम) — सूर्योदय पर।
- ▸संध्या — शुभ।
- ▸रात — मान्य, विशेषतः भय/संकट में।
रात विशेष
- ▸भय लगे = हनुमान चालीसा → अभय। हनुमान = भय निवारक।
- ▸'भूत पिशाच निकट नहिं आवै, महाबीर जब नाम सुनावै' — रात में भूत-प्रेत बाधा → चालीसा = रक्षा।
- ▸मंगलवार/शनिवार रात = विशेष।
कोई वर्जित नहीं: हनुमान = चिरंजीवी, सदा जागृत। किसी भी समय पुकारें = उत्तर।
सार: 'कभी भी, कहीं भी' — हनुमान = सबसे सुलभ देवता। रात = बिल्कुल शुभ।





