विस्तृत उत्तर
तुलसी पत्ते तोड़ने के नियम
कब न तोड़ें
- ▸रविवार — पूर्णतः वर्जित।
- ▸एकादशी/द्वादशी — विष्णु विशेष दिन, तुलसी विश्राम।
- ▸संक्रांति दिन।
- ▸रात में — सूर्यास्त बाद वर्जित।
- ▸मासिक धर्म — कुछ परंपरा में।
कैसे तोड़ें
- ▸सुबह स्नान के बाद, शुद्ध हाथों से।
- ▸तोड़ने से पहले 'ॐ तुलस्यै नमः' बोलें + क्षमा माँगें।
- ▸डाली/शाखा न तोड़ें — केवल पत्ते।
- ▸दाहिने हाथ से (कुछ परंपरा)।
- ▸जरूरत जितने ही तोड़ें — फालतू नहीं।
पहले दिन तोड़कर रखें: यदि रविवार/एकादशी को पूजा में चाहिए = शनिवार/दशमी को पहले तोड़कर रख लें। पानी में रखें = ताज़ा रहेंगे।
लोग यह भी पूछते हैं
कब न तोड़ें
- रविवार — पूर्णतः वर्जित। - एकादशी/द्वादशी — विष्णु विशेष दिन, तुलसी विश्राम। - संक्रांति दिन। - रात में — सूर्यास्त बाद वर्जित। - मासिक धर्म — कुछ परंपरा में।
कैसे तोड़ें
- सुबह स्नान के बाद, शुद्ध हाथों से। - तोड़ने से पहले 'ॐ तुलस्यै नमः' बोलें + क्षमा माँगें। - डाली/शाखा न तोड़ें — केवल पत्ते। - दाहिने हाथ से (कुछ परंपरा)। - जरूरत जितने ही तोड़ें — फालतू नहीं।
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