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माला नियम📜 पद्म पुराण, वैष्णव परंपरा1 मिनट पठन

तुलसी माला से जप करने के नियम क्या हैं?

संक्षिप्त उत्तर

विष्णु/कृष्ण/राम/लक्ष्मी। शिव = वर्जित। गंगाजल + विष्णु मंत्र शुद्धि। कंठी = वैष्णव (सदा पहनें)। जप माला ≠ कंठी। तुलसी + विष्णु सहस्रनाम = सर्वोत्तम।

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विस्तृत उत्तर

तुलसी माला = विष्णु/कृष्ण/राम जप की सर्वोत्तम:

नियम

  1. 1देवता: विष्णु, कृष्ण, राम, लक्ष्मी = तुलसी। शिव = वर्जित (तुलसी शिव को नहीं चढ़ती)।
  2. 2108 + 1 दाने।
  3. 3शुद्धि: गंगाजल + विष्णु मंत्र 108 बार।
  4. 4अत्यंत पवित्र: तुलसी माला पहनना = विष्णु कृपा।
  5. 5गले में: तुलसी कंठी (2 लड़ी) = वैष्णव पहचान — सदा पहनें।
  6. 6जप माला अलग: पहनने की कंठी ≠ जप माला — दोनों अलग रखें।
  7. 7न उतारें: कुछ वैष्णव: तुलसी कंठी कभी न उतारें (स्नान/शयन में भी)।
  8. 8टूट जाए: नदी/तुलसी पौधे के नीचे विसर्जन।

विशेष: तुलसी माला से विष्णु सहस्रनाम, हरे कृष्ण, राम मंत्र = सर्वोत्तम।

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शास्त्रीय स्रोत
पद्म पुराण, वैष्णव परंपरा
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