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माला नियम📜 रुद्राक्षोपनिषद्, शिव पुराण1 मिनट पठन

एकमुखी रुद्राक्ष से जप करने का क्या विधान है?

संक्षिप्त उत्तर

सर्वदुर्लभ = शिव स्वरूप। 108 माला असंभव — 1 दाना कंठ/पूजा। पंचमुखी माला + एकमुखी धारण = सर्वोत्तम। 'ॐ नमः शिवाय'। नकली बहुत — विश्वसनीय स्रोत।

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विस्तृत उत्तर

एकमुखी रुद्राक्ष = सर्वदुर्लभ, सर्वश्रेष्ठ:

विशेषता: एक मुख = शिव स्वरूप। 'एकमुखी रुद्राक्ष धारण = शिव साक्षात्कार।'

विधान

  1. 1दुर्लभता: अत्यंत दुर्लभ — अधिकांश बाजार में नकली। प्रामाणिक = अत्यंत महंगा।
  2. 2माला नहीं: 108 एकमुखी = असंभव। 1 दाना = कंठ/पूजा में।
  3. 3जप: एकमुखी पहनकर → पंचमुखी माला से जप = सर्वोत्तम संयोजन।
  4. 4मंत्र: 'ॐ नमः शिवाय' या 'ॐ ह्रीं नमः' (एकमुखी बीज)।
  5. 5पूजा: सोमवार/शिवरात्रि धारण। गंगाजल+दूध शुद्धि।

सावधानी: नकली बहुत — विश्वसनीय स्रोत। गोल (चपटा नहीं) = प्रामाणिक। प्राकृतिक मुख रेखा।

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शास्त्रीय स्रोत
रुद्राक्षोपनिषद्, शिव पुराण
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