विस्तृत उत्तर
एकमुखी रुद्राक्ष = सर्वदुर्लभ, सर्वश्रेष्ठ:
विशेषता: एक मुख = शिव स्वरूप। 'एकमुखी रुद्राक्ष धारण = शिव साक्षात्कार।'
विधान
- 1दुर्लभता: अत्यंत दुर्लभ — अधिकांश बाजार में नकली। प्रामाणिक = अत्यंत महंगा।
- 2माला नहीं: 108 एकमुखी = असंभव। 1 दाना = कंठ/पूजा में।
- 3जप: एकमुखी पहनकर → पंचमुखी माला से जप = सर्वोत्तम संयोजन।
- 4मंत्र: 'ॐ नमः शिवाय' या 'ॐ ह्रीं नमः' (एकमुखी बीज)।
- 5पूजा: सोमवार/शिवरात्रि धारण। गंगाजल+दूध शुद्धि।
सावधानी: नकली बहुत — विश्वसनीय स्रोत। गोल (चपटा नहीं) = प्रामाणिक। प्राकृतिक मुख रेखा।





