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माला नियम📜 रुद्राक्षोपनिषद्, शिव पुराण1 मिनट पठन

रुद्राक्ष माला से जप करने के नियम क्या हैं?

संक्षिप्त उत्तर

पंचमुखी सर्वसाधारण। गंगाजल+दूध शुद्धि + 108 'ॐ नमः शिवाय'। सोमवार धारण। अंगूठा+मध्यमा, गौमुखी। सुमेरु न लांघें। अशुद्ध अवस्था उतारें। सरसों तेल रखरखाव।

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विस्तृत उत्तर

रुद्राक्ष माला = शिव/रुद्र जप की सर्वोत्तम माला:

नियम

  1. 1मुख: पंचमुखी (5 मुखी) = सर्वसाधारण। एकमुखी = दुर्लभ/सर्वश्रेष्ठ।
  2. 2108 + 1 (सुमेरु) = 109 दाने।
  3. 3शुद्धि: नई माला = गंगाजल + कच्चे दूध + 'ॐ नमः शिवाय' 108 बार।
  4. 4धारण: सोमवार/शिवरात्रि पहली बार प्रयोग।
  5. 5जप: दाहिने हाथ, अंगूठा + मध्यमा। गौमुखी में।
  6. 6सुमेरु: लांघें नहीं — उल्टा मोड़ें।
  7. 7शुद्धता: अशुद्ध हाथों से न छुएं। शौचालय/मैथुन/अशुद्ध अवस्था में उतारें।
  8. 8रखरखाव: सरसों तेल में डुबोकर रखें (साप्ताहिक) — चमक बनी रहे।

किस देवता: शिव (प्राथमिक), सभी देवता मान्य। विष्णु/देवी = भी शुभ।

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शास्त्रीय स्रोत
रुद्राक्षोपनिषद्, शिव पुराण
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