विस्तृत उत्तर
जप में मन न लगे — उपाय:
- 1वाचिक → उपांशु: बोलकर जपें — ध्वनि पर ध्यान = मन लगे।
- 2धीमी गति: जल्दबाजी नहीं — प्रत्येक अक्षर स्पष्ट, धीमा।
- 3अर्थ ध्यान: मंत्र का अर्थ जानें — अर्थ सोचते हुए जप = एकाग्रता।
- 4देवता रूप: जप करते समय इष्ट देवता का रूप मन में — दृश्य + ध्वनि = एकाग्रता।
- 5श्वास संयोजन: श्वास लेते = मंत्र प्रथम भाग, छोड़ते = शेष। जैसे: श्वास→'ॐ', छोड़→'नमः शिवाय'।
- 6छोटी अवधि: 5-10 मिनट — धीरे-धीरे बढ़ाएं। जबरदस्ती 1 घंटा = विफल।
- 7विचार आएं = स्वीकार: 'विचार आया' — ठीक, वापस मंत्र पर। लड़ें नहीं।
- 8धैर्य: मन = चंचल स्वभाव। अभ्यास से शांत होगा — 'अभ्यासेन तु कौन्तेय वैराग्येण च गृह्यते' (गीता 6.35)।





