विस्तृत उत्तर
पितरों की शांति के उपाय:
- 1नियमित श्राद्ध/तर्पण — पितृ पक्ष में विधिवत श्राद्ध अवश्य करें।
- 2तिल-जल तर्पण — प्रतिदिन (विशेषतः अमावस्या) दक्षिण दिशा में मुख कर तिल-जल से तर्पण।
- 3गया पिंडदान — सबसे प्रभावी। गया में पिंडदान = पितरों को सीधा मोक्ष।
- 4नारायण बलि — विशेष अनुष्ठान (पंडित से करवाएँ)।
- 5त्रिपिंडी श्राद्ध — तीन पीढ़ियों के पितरों के लिए।
- 6गो-दान — गाय दान (गरुड़ पुराण में विशेष महत्व)।
- 7ब्राह्मण भोजन — विधिवत ब्राह्मण भोजन + दक्षिणा।
- 8पीपल को जल — प्रतिदिन पीपल वृक्ष को जल चढ़ाएँ।
- 9गरुड़ पुराण/गीता पाठ — पितरों की आत्मा शांति।
- 10कौवे को भोजन — नित्य कौवे को ग्रास (भोजन) दें।
- 11बड़ों का सम्मान — जीवित बुजुर्गों का सम्मान + सेवा = पितृ ऋण चुकाना।
मंत्र: *'ॐ पितृभ्यो नमः'* — 108 बार जप।





