विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण के अनुसार आत्महत्या = महापाप — आत्मा प्रेत योनि में लंबे समय तक भटकती है क्योंकि ईश्वर ने दी हुई आयु का अपमान किया।
शांति उपाय (परिजनों द्वारा)
- 1विधिवत अंतिम संस्कार — अवश्य करें (कुछ लोग नहीं करते — यह गलत)।
- 2नारायण बलि — सबसे प्रभावी (त्र्यंबकेश्वर/गया)।
- 3चतुर्दशी तिथि पर श्राद्ध (पितृ पक्ष)।
- 4गया पिंडदान।
- 5गरुड़ पुराण + विष्णु सहस्रनाम पाठ।
- 6महामृत्युंजय मंत्र — 1,25,000 जप (पुरश्चरण)।
- 7प्रतिदिन तिल-जल तर्पण।
- 8गो-दान + अन्नदान — मृतक के नाम से।
अत्यंत महत्वपूर्ण: यदि आप या कोई परिचित आत्महत्या के विचार से गुज़र रहे हैं तो तुरंत मदद लें
- ▸AASRA: 9820466726
- ▸Vandrevala Foundation: 1860-2662-345
- ▸iCall: 9152987821
जीवन अनमोल है — ईश्वर की दी हुई सबसे बड़ी संपत्ति। कठिन समय गुज़र जाता है — मदद लें, हार न मानें।





